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LS Result: पूर्व मंत्री सलमान खुर्शीद का दावा, चुनावों में मुसलमानों ने एक तरफा 'इंडिया' को दिया वोट

डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Thu, 06 Jun 2024 12:01 PM IST

सार

बसपा प्रमुख मायावती का भविष्य के चुनावों में मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं देने के सवाल पर खुर्शीद ने कहा कि बसपा प्रमुख कह रही हैं कि मुसलमानों को टिकट नहीं देंगी, मत दें। लेकिन ये भी सोचें की दलितों ने मायावती को क्यों वोट नहीं दिया। सलमान खुर्शीद ने कहा कि मैं चाहता हूं कि इंडिया गठबंधन की सरकार बने, कांग्रेस की सरकार बने, हमारे नेता आज शाम को ये सब मीटिंग में तय करेंगे।
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INDIA - फोटो : Amar Ujala


बुधवार को इंडियन मुस्लिम फॉर सिविल राइट्स (आईएमसीआर) द्वारा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद ने कहा कि मैं चाहता हूं कि देश में इंडिया गठबंधन की सरकार बने। चुनावों में मुसलमानों ने इस बार एक तरफा इंडिया गठबंधन को वोट किया है, इंडिया गठबंधन की भी जिम्मेदारी है कि वह इस बात को समझे और अनदेखी नहीं करे।


बसपा प्रमुख मायावती का भविष्य के चुनावों में मुस्लिम उम्मीदवार को टिकट नहीं देने के सवाल पर खुर्शीद ने कहा कि बसपा प्रमुख कह रही हैं कि मुसलमानों को टिकट नहीं देंगी, मत दें। लेकिन ये भी सोचें की दलितों ने मायावती को क्यों वोट नहीं दिया। सलमान खुर्शीद ने कहा कि मैं चाहता हूं कि इंडिया गठबंधन की सरकार बने, कांग्रेस की सरकार बने, हमारे नेता आज शाम को ये सब मीटिंग में तय करेंगे।


इंडियन मुस्लिम फॉर सिविल राइट्स (आईएमसीआर) द्वारा आयोजित प्रेस वार्ता में पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद के अलावा योजना आयोग की पूर्व सदस्य सैयदा सैयदेन हमीद, आईएमसीआर के अध्यक्ष, मोहम्मद अदीब और सीनियर एडवोकेट सुप्रीम कोर्ट फुजैल अयूबी, आईएमसीआर के राष्ट्रीय संगठन महासचिव, डॉक्टर आजम बैग मौजूद थे।


प्रेस कांफ्रेस में वक्ताओं ने कहा कि मतदाताओं की जागरूकता और एकजुटता ने भारत को मोदी लहर को खत्म करने में मदद की है। आज आम मतदाता का लोकतंत्र में विश्वास और संविधान को बचाने की उनकी आकांक्षाएं कम नहीं हुई हैं। इस चुनाव ने आम मतदाता के संविधान और भारतीय लोकतंत्र में विश्वास की पुष्टि की है। खास तौर पर मुस्लिम मतदाता, जिनकी अक्सर धार्मिक आधार पर मतदान करने के लिए आलोचना की जाती है। उन्होंने धार्मिक संबद्धता से परे लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए भारतीय उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए बड़ी संख्या में मतदान किया है।

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