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LS Polls: 1996 के बाद सर्वाधिक प्रत्याशियों ने आजमाई किस्मत; 744 पार्टियों के 8360 उम्मीदवार मैदान में

Tue, 04 Jun 2024 08:51 AM IST
शिव शरण शुक्ला अमर उजाला ब्यूरो

सार

सबसे अधिक 488 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली राष्ट्रीय पार्टी बसपा रही। दूसरे नंबर पर भाजपा है, जिसने 441 सीटों पर उम्मीदवार उतारे।
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लोकसभा चुनाव - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश की 543 लोकसभा सीटों पर मतदान की प्रक्रिया एक जून को पूरी हो गई थी। बीते ढाई महीने से चल रही चुनाव की प्रक्रिया के बाद अब लोगों की नजरें नतीजों पर हैं। आज लोगों का ये इंतिजार भी खत्म हो जाएगा। इस बार का चुनाव कई मायनों में खास रहा। इस बार जहां 65. 08 फीसदी वोटिंग हुई वहीं 64.2 करोड़ लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। लोकसभा चुनाव 2024 में 543 सीटों पर 744 पार्टियों के कुल 8,360 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें राष्ट्रीय पार्टियों के 16 फीसदी, क्षेत्रीय पार्टियों के 6 फीसदी प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा। करीब 47 फीसदी उम्मीदवार निर्दलीय थे। 1996 में रिकॉर्ड 13,592 ने लोगों ने चुनाव लड़ा था। पिछले लोकसभा चुनाव में 8039 प्रत्याशी मैदान में थे।

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सर्वाधिक सीटों पर लड़ी बसपा, दूसरे नंबर पर भाजपा 
सबसे अधिक 488 सीटों पर चुनाव लड़ने वाली राष्ट्रीय पार्टी बसपा रही। दूसरे नंबर पर भाजपा है, जिसने 441 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। कांग्रेस 328, सीपीआई(एम) 52, आम आदमी पार्टी ने 22 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) ने तीन उम्मीदवार उतारे।

क्षेत्रीय दलों में सपा सबसे आगे
क्षेत्रीय दलों में सपा ने सर्वाधिक 71 सीटों पर उम्मीदवार उतारे। तृणमूल कांग्रेस दूसरे नंबर पर रही, उस ने 48 जगह से चुनाव लड़ा। इसके अलावा एआईएडीएमके ने 36, सीपीआई ने 30, वाईएसआरसीपी ने 25, राजद ने 24 और डीएमके ने 22 सीटों पर अपने अपने प्रत्याशी उतारे। गैर-मान्यता प्राप्त दलों में सोशल यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (कम्युनिस्ट) ने सबसे अधिक 150 उम्मीदवार उतारे। पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया (डेमोक्रेटिक) ने 79 जगह से चुनाव लड़ा।
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हर संसदीय सीट से औसतन 15 उम्मीदवार
इस बार हर संसदीय सीट पर औसतन 15 प्रत्याशी मैदान में थे। तेलंगाना में यह औसत 31 रहा, तो लद्दाख व नागालैंड में औसत तीन-तीन उम्मीदवार मैदान में थे। तमिलनाडु की करूर में सर्वाधिक 54 उम्मीदवार थे।

प्रत्याशियों की औसत उम्र 48 
इस बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की औसत आयु 48 वर्ष है। राष्ट्रीय पार्टियों ने 40 से कम उम्र के 13 फीसदी उम्मीदवारों पर दांव लगाया है। इनमें 20 फीसदी यानी 98 उम्मीदवार अकेले बसपा ने उतारे हैं।

327 सांसद फिर आजमा रहे किस्मत
17वीं लोकसभा के 327 सांसद फिर से किस्मत आजमा रहे हैं। राहुल गांधी एकमात्र उम्मीदवार हैं, जो वायनाड और रायबरेली दो सीटों से लड़ रहे हैं। लगातार दूसरी बार चुनाव लड़ने वालों में 34 सांसद ऐसे हैं जो अलग अलग पार्टी के टिकट पर मैदान में हैं।
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(स्रोत: पीआरएस लेजिसलेटिव रिसर्च की रिपोर्ट)

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