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Election Commissioner of India: 'झूठी कहानी को समझने...', मतदान के आंकड़ों पर सवाल को लेकर विपक्ष पर भड़के CEC

Tue, 04 Jun 2024 08:26 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Election Commissioner of India: राजीव कुमार ने विपक्ष को चुनौती दी कि वह उन आरोपों को लेकर सबूतों को साझा करें, जिनमें कहा जा रहा है कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, ताकि आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके।
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चुनाव आयुक्त राजीव कुमार - फोटो : ANI
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विस्तार
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Election Commissioner of India: आज लोकसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं। इससे एक दिन पहले मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने दावा किया कि मतगणना प्रक्रिया मजबूत है और प्रक्रिया को संहिताबद्ध किया गया है ताकि इसमें कोई गलती नहीं पाई जा सके। साथ ही उन्होंने सात चरण के आम चुनावों के दौरान अंतिम मतदान प्रतिशत जारी करने में देरी पर सवाल उठाने वालों पर भी निशाना साधा।

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हम फर्जी कहानी समझने में...
राजीव कुमार ने सोमवार को बिना किसी का नाम लिए कहा, 'हम चुनाव के दौरान गलत मतदाता सूचियों और मतदान के आंकड़ों के बारे में फैलाई जा रही झूठी कहानी को समझने में असफल रहे। लेकिन हम इसे अब समझ गए हैं।'

यह है मामला
गौरतलब है, कांग्रेस ने वास्तविक समय के मतदान प्रतिशत के आंकड़ों और चुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के बीच बड़े अंतर पर सवाल उठाए थे। उसका कहना था कि मतदाता चुनाव निकाय में अजीब घटनाओं से वह परेशान है। वहीं, अन्य विपक्षी दलों ने भी अंतिम मतदान प्रतिशत जारी करने में देरी पर सवाल उठाए थे। 
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सीईसी ने बताई प्रक्रिया
चुनाव आयुक्त ने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की गिनती से पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा, 'जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 54ए 1954 में पेश की गई थी। उस समय डाक मतपत्रों के लिए ज्यादा लोग नहीं होते थे। लेकिन अब सभी केंद्रों पर सबसे पहले डाक मतपत्रों की गिनती शुरू होगी। उसके आधे घंटे बाद ही सबसे पहले ईवीएम की गिनती शुरू होगी। यह 2019 में हुआ, यह सभी 2022 के विधानसभा चुनावों में हुआ, यह कल अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में भी हुआ।'

सबूत पेश करें
राजीव कुमार ने विपक्ष को चुनौती दी कि वह उन आरोपों को लेकर सबूतों को साझा करें, जिनमें कहा है कि निर्वाचन अधिकारियों और जिलाधिकारियों को प्रभावित करके चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया गया, ताकि आयोग उनके खिलाफ कार्रवाई कर सके।

प्रक्रिया में कोई भूल नहीं हो सकती
उन्होंने आगे कहा, 'मतगणना की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से मजबूत है। हमें नहीं लगता कि कहीं भी इस तरह की मजबूत प्रणाली है। हर हिस्सा तय है। पूरी प्रक्रिया को संहिताबद्ध किया गया है। माइक्रो ऑब्जर्वर लगाए गए हैं। इस प्रक्रिया में कोई भूल नहीं हो सकती। दुनिया की सबसे बड़ी मतगणना अभ्यास के दौरान मतगणना अधिकारी, गिनती एजेंट, माइक्रो-पर्यवेक्षक, आरओ / एआरओ, पर्यवेक्षक सहित लाखों लोग उपस्थित थे। सभी उम्मीदवार और एजेंट यह देखने के लिए मौजूद थे कि बूथ पर कौन मौजूद था।'

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