फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

LS Polls 2024: दर्जनों राजनीतिक दल, लेकिन मौजूद केवल 60-70 हेलीकॉप्टर, जानें एक घंटे का कितना चुका रहे किराया?

राहुल संपाल
Updated Wed, 10 Apr 2024 03:30 PM IST

सार

भारत में चार्टर फ्लाइट के व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि पर्सनल जेट की मांग बीते एक-डेढ़ साल से एक जैसी बनी हुई है। इस कारण से इनकी कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन देश में अभी भी कमर्शियल एयरलाइन सेवाएं मजबूत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Helicopters in Election - फोटो : Amar Ujala


हेलीकॉप्टर के किराए में 15 फीसदी की वृद्धि

भारत में चार्टर फ्लाइट के व्यवसाय से जुड़े लोगों का कहना है कि पर्सनल जेट की मांग बीते एक-डेढ़ साल से एक जैसी बनी हुई है। इस कारण से इनकी कीमतों में ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है। लेकिन देश में अभी भी कमर्शियल एयरलाइन सेवाएं मजबूत हैं। चुनावी मौसम में बड़े शहरों में जाने के लिए नेता आज भी कमर्शियल उड़ानों का उपयोग करते हैं। इस दौरान उन्हें सफर के दौरान आम लोगों से मिलने-जुलने का भी मौका भी मिल जाता है। पिछले छह माह से हेलीकॉप्टर के किराए में 15 फीसदी की वृद्धि हुई है। हेलीकॉप्टर के किराए में यह तेजी इसलिए है, क्योंकि इन दिनों में भारत में चार्टर हेलीकॉप्टर की डिमांड पहले के मुकाबले बढ़ी है। देश में ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों की कमी है। इसलिए चुनावी मौसम में हेलीकॉप्टरों की मांग ज्यादा नजर आ रही है। इससे उनके रेट पर प्रीमियम बढ़ गया है।


भारत में करीब 254 चार्टर हेलीकॉप्टर

हेलीकॉप्टर उद्योग के लिए काम करने वाली रोटरी विंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, भारत में वर्तमान में लगभग 254 चार्टर हेलीकॉप्टर हैं। इन 254 हेलीकॉप्टरों में से 190 हेलीकॉप्टर सार्वजनिक क्षेत्र के कार्यों, डिफेंस ऑपरेशन, कॉर्पोरेट वेंचर्स और ऑफशोर मिशनों के लिए आवंटित किए गए हैं। इससे भारतीय चुनावी मौसम के लिए लगभग 60-70 हेलीकॉप्टर ही उपलब्ध रह गए हैं। अधिकांश हेलीकॉप्टर लगभग छह माह पहले ही बुक हो गए हैं। इसलिए अभी हेलीकॉप्टर की कमी हो रही है।


ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों की मांग सबसे ज्यादा

इस उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि भारत के हेलीकॉप्टर उद्योग में प्रमुख प्लेयर्स में पवन हंस, ग्लोबल वेक्ट्रा, हेलिगो चार्टर और हेरिटेज एविएशन शामिल हैं। हेलीकॉप्टर की कमी के कारण कई राजनीतिक दल एक भी हेलीकॉप्टर किराए पर नहीं ले पा रहे हैं। चुनावी मौसम में सबसे ज्यादा मांग ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों की होती है। इनका इस्तेमाल आमतौर पर वीआईपी यात्राओं के लिए किया जाता है। ये सामान्य से काफी अधिक घंटों तक उड़ान भरते हैं, जिससे विमानन सेवाओं के राजस्व में वृद्धि होती है। चेन्नई में प्राइवेट जेट के किराये के रेट 3.4 लाख रुपये से 6.4 लाख रुपये प्रति घंटे तक हैं। सिंगल इंजन वाले हेलीकॉप्टरों के लिए शुरुआती रेट एक लाख रुपये प्रति घंटा तक हैं, जबकि ट्विन इंजन वाले हेलीकॉप्टरों के लिए यह 2 से 3 लाख रुपये प्रति घंटा तक हैं।


भाजपा ने पहले ही बुक कराए थे हेलीकॉप्टर

हेलीकॉप्टर की कमी का मुद्दा पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ममता बनर्जी ने अगस्त 2023 में उठाया था, जब उन्होंने चिंता व्यक्त की थी कि भाजपा ने इस साल के लोकसभा चुनावों के लिए पहले से ही सभी उपलब्ध हेलीकॉप्टर रिजर्व कर लिए हैं, जिससे अन्य दलों को किराए पर लेने का कोई मौका नहीं मिला। उन्होंने इसे शक्ति और धन का प्रदर्शन बताते हुए इसकी आलोचना करते हुए कहा था, वे सोचते हैं कि पैसे से कुछ भी खरीदा जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next