फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौकरी मिली नियुक्ति नहीं: केरल में 34 दिन से सड़क पर LPST रैंक होल्डर्स, घास खाकर जताया विरोध

Sat, 08 Aug 2026 02:09 PM IST
प्रशांत तिवारी पीटीआई, तिरुवनंतपुरम

सार

केरल सचिवालय के बाहर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच, नियुक्ति आदेश जारी करने में सरकार की कथित देरी के खिलाफ शनिवार को लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) रैंक होल्डर्स ने सांकेतिक रूप से घास खाकर अपना विरोध जताया। नियुक्ति की मांग को लेकर चल रहा यह प्रदर्शन अब 34वें दिन में पहुंच गया है।
विज्ञापन
विरोध प्रदर्शन करते रैंक होल्डर्स - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केरल सचिवालय के बाहर लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर रैंक होल्डर्स का नियुक्ति आदेश जारी करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन 34वें दिन भी जारी रहा। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से घास खाकर सरकार के प्रति नाराजगी जताई। उनका आरोप है कि PSC की रैंक लिस्ट में जगह बनाने के बावजूद उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा रही है। वहीं, PSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए सरकार ने क्राइम ब्रांच को जिम्मेदारी सौंपी है और IGP एस. अजीता बेगम की अध्यक्षता में SIT गठित की गई है। प्रदर्शन के समर्थन में सचिवालय मार्च कर रहे BJYM कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

विज्ञापन


आखिर क्यों प्रदर्शन कर रहे हैं LPST रैंक होल्डर्स?
यह विरोध प्रदर्शन उन उम्मीदवारों की बढ़ती निराशा को सामने लाता है, जिन्होंने केरल लोक सेवा आयोग (PSC) की रैंक लिस्ट में स्थान हासिल किया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रैंक लिस्ट में आने के बावजूद उन्हें औपचारिक नियुक्ति आदेश के लिए अनिश्चितकाल तक इंतजार करना पड़ रहा है।

सरकार की चुप्पी पर प्रदर्शनकारी ने क्या कहा?
एक प्रदर्शनकारी ने सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने पर गहरा दुख जताया। उन्होंने आरोप लगाया कि कई तरह के विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद सरकार ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है और पूरे मामले को लेकर बेपरवाह बनी हुई है। हम LPST रैंक होल्डर हैं। हम 34 दिनों से विरोध कर रहे हैं। सरकार की ओर से कोई अच्छी खबर नहीं है। उन्होंने दो महीने का समय मांगा था। मुझे नहीं पता कि उन्हें दो महीने क्यों चाहिए। हम अलग-अलग तरह से विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। सरकार हमारे मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और हमें टालने की कोशिश कर रही है।"
विज्ञापन


आखिर नियुक्ति का मामला किस विवाद से जुड़ा है?
यह मामला राज्य योजना बोर्ड में मुख्य-स्तर के पदों के लिए आयोजित केरल लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं से भी जुड़ा है। इससे पहले जुलाई में केरल पुलिस ने कहा था कि मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाएगा। इस SIT की कमान पुलिस महानिरीक्षक (IGP) एस. अजीता बेगम को सौंपी गई है। केरल गृह विभाग ने जांच की जिम्मेदारी क्राइम ब्रांच को सौंपने का आदेश भी जारी किया था।

SIT के गठन को क्या कहा गया?
केरल पुलिस के आदेश में कहा गया, 'सरकारी आदेश के अनुसार सरकार ने क्राइम ब्रांच को केरल लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अनियमितताओं के हालिया आरोपों की व्यापक जांच करने का निर्देश दिया है। आरोपों की गंभीरता और त्वरित जांच सुनिश्चित करने के महत्व को देखते हुए, तत्काल प्रभाव से एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन करने का निर्णय लिया गया है। इस टीम की अध्यक्षता एस. अजीता बेगम, IPS, पुलिस महानिरीक्षक, आर्थिक अपराध शाखा मुख्यालय, तिरुवनंतपुरम करेंगी।'

ये भी पढ़ें: कौन था सबसे कठोर सजा पाने वाला स्वतंत्रता सेनानी?: जवाब पर केरल में मचा सियासी बवाल, मंत्री ने तलब की रिपोर्ट
विज्ञापन


प्रदर्शनकारियों के समर्थन में मार्च पर पुलिस ने क्या किया?
तिरुवनंतपुरम में लोअर प्राइमरी स्कूल टीचर (LPST) रैंक होल्डर्स के चल रहे विरोध प्रदर्शन के समर्थन में सचिवालय की ओर मार्च कर रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के सदस्यों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें