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Assam: असम में चार मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे एलपीजी परिवहन कर्मचारी, शोषण करने का लगाया आरोप

Wed, 01 Mar 2023 09:54 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, गुवाहाटी

सार

एपीएमयू के महासचिव रमन दास ने बताया कि हड़ताल से एलपीजी ले जाने वाले सभी टैंकरों और सिलेंडर ट्रकों की आवाजाही बंद हो जाएगी, जिससे खुदरा बाजार में ईंधन की कमी हो जाएगी।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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असम पेट्रोलियम मजदूर यूनियन (एपीएमयू) ने बुधवार को पूरे असम में चार मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा की है। यूनियन ने एलपीजी टैंकरों और सिलेंडरों की ढुलाई में लगे सभी कर्मचारियों से साथ आने का आह्वान किया है। यूनियन ने कर्मचारियों को उच्च पारिश्रमिक और अन्य वैधानिक लाभों की मांग की है। एपीएमयू के महासचिव रमन दास ने बताया कि हड़ताल से एलपीजी ले जाने वाले सभी टैंकरों और सिलेंडर ट्रकों की आवाजाही बंद हो जाएगी, जिससे खुदरा बाजार में ईंधन की कमी हो जाएगी।

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रमन दास ने आगे कहा कि कर्मचारी असम में सात एलपीजी संयंत्रों में लोडिंग और अनलोडिंग बंद कर देंगे इनमें इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के छह और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के एक संयंत्र है। दास ने दावा किया कि तेल विपणन कंपनियों द्वारा लगे ट्रांसपोर्टर भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और कर्मचारी राज्य बीमा निगम जैसे किसी भी लाभ के बिना बहुत कम वेतन देकर श्रमिकों का शोषण कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि आम तौर पर एक मजदूर दिन में 12-15 घंटे काम करने के बाद महीने में 6,000-7,000 रुपये कमा लेता है। ट्रांसपोर्टर्स द्वारा किसी भी श्रम कानून का पालन नहीं किया जाता है और कंपनियां भी यह सुनिश्चित नहीं करती हैं। कोई विकल्प नहीं होने के कारण, हमने असम में 4 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला किया है। साथ ही कहा कि हमने ट्रांसपोर्टरों के साथ-साथ तेल पीएसयू से भी यह देखने का अनुरोध किया है। लेकिन वे इसे अनदेखा कर रहे हैं। यह जारी नहीं रह सकता है।
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कंपनी ने कहा कि आईओसी ने सभी ट्रांसपोर्टरों और वितरकों को पत्र भेजकर एपीएमयू द्वारा उठाए गए मुद्दों का सौहार्द्रपूर्ण ढंग से समाधान करने को कहा है ताकि एलपीजी आपूर्ति की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि असम सरकार प्रशासन को भी इस मुद्दे पर उपयुक्त हस्तक्षेप के लिए उक्त हड़ताल नोटिस के बारे में सूचित कर दिया गया है।

आईओसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि एलपीजी ले जाने वाले श्रमिकों और पीएसयू कंपनी के बीच कोई सीधा संबंध नहीं है क्योंकि यह ट्रांसपोर्टरों का दायित्व है कि वे अपने कर्मचारियों के संबंध में श्रम कानूनों का पालन करें। अधिकारी ने कहा कि आईओसी और ट्रांसपोर्टरों या वितरकों के बीच अनुबंध का ट्रांसपोर्टरों या वितरकों द्वारा लगाए गए कर्मचारी से कोई संबंध नहीं है।

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