भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, जून में 10 प्रतिशत अधिक बारिश होने के बावजूद कम से कम 202 जिलों में अब तक का सबसे कम मानसूनी बारिश हुई और 183 जिलों को कम बारिश के हालात का सामना करना पड़ रहा है।
ऐसे में किसान चिंतित हैं, क्योंकि मानसून के आने में देरी से उत्तर पश्चिमी क्षेत्र में फसलों की बुवाई और रोपाई, सिंचाई समय-निर्धारण और बिजली की जरूरतों जैसे कृषि कार्यों पर असर पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, 19 जून तक हरियाणा, दिल्ली, पंजाब सहित उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसून ने कवर किया। 19 जून के बाद से मानसून में कोई प्रगति नहीं देखी गई है।
हालांकि, यह 26 जून से कमजोर पड़ने लगा है। जून में सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश तीन से 19 जून के बीच हुई।
मौसम विभाग के अनुसार, पूरे देश में दो तरह के मौसम है, जहां एक और शुष्क मौसम है, वहीं दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश है।
इसमें पश्चिम बंगाल, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार में भारी बारिश के चलते कुछ जिलों में बाढ़ जैसे हालात हो सकते हैं। मौसम विभाग ने कहा है पिछले एक हफ्ते में दक्षिण पश्चिम मानसून कमजोर पड़ा है, जिसके चलते इस सीजन में देश में बारिश की बड़ी कमी दर्ज की गई है।
दिल्ली में 90 साल बाद एक जुलाई सबसे गर्म दिन
मध्य और पश्चिमी भारत में कई स्थानों पर तापमान बृहस्पतिवार को 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया। दिल्ली में यह 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो 90 साल में सबसे अधिक है। इससे पहले दिल्ली में एक जुलाई 1931 को 45 डिग्री तापमान, जबकि पांच जुलाई 1987 को 43.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया था। इसके बाद दो जुलाई, 2012 को यह 43.5 डिग्री रहा था।