फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बोर्ड में शिकायत की भरमार, छात्रों की कोई सुनवाई नहीं

Sat, 02 Jul 2016 04:38 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, इलाहाबाद

सार

  • अंकपत्र-प्रमाण पत्र की गड़बड़ी ठीक नहीं होने से फंसेगा प्रवेश
  • सैकड़ों की संख्या में अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं शिकायत लेकर पहुंच रहे बोर्ड कार्यालय
विज्ञापन
माध्यमिक शिक्षा निदेशालय यूपी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में इन दिनों शिकायतों की भरमार है, परंतु उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। बोर्ड कार्यालय में हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट 2016 परीक्षा के परीक्षाफल में गड़बड़ी की शिकायत लगातार पहुंच रही है।
विज्ञापन


छात्रों के अंकपत्र में नाम, जन्मतिथि, पिता का नाम सहित अंकों को दर्ज करने में गड़बड़ी की गई है। नई कक्षा में प्रवेश लेने से पहले छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में अंकपत्र की गड़बड़ी ठीक करवाने पहुंच रहे हैं।

बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में नई एवं पुरानी शिकायतों से जुड़ी लगभग 20 हजार शिकायतें हैं। इसमें अंकपत्र एवं प्रमाणपत्रों की गड़बड़ी के साथ पुराने अंकपत्रों के हजारों मामले फंसे हुए हैं। बोर्ड में कोई अधिकारी इन छात्रों और अभिभावकों की सुनने वाला नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खराब हैं क्षेत्रीय कार्यालयों के हाल

बोर्ड में लगातार बढ़ रही है शिकायतें
इस व्यवस्था से परेशान होकर लगभग 500 अभ्यर्थी लौट रहे हैं। अव्यवस्था का आलम यह है कि शिकायतें दूर करने के लिए कोई सेल स्थापित नहीं है। छात्र और अभिभावक सीधे संबंधित अनुभाग में पहुंचकर बाबू और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के जरिए अपनी समस्या का हल खोजते हैं।

इस कारण से पूरे कार्यालय में अव्यवस्था का आलम है। क्षेत्रीय कार्यालय शिकायत लेकर पहुंचने वाले लखनऊ के राजेश अवस्थी, कानपुर के विनोद बाजपेयी, रायबरेली के अमित त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि हर पटल पर काम करने वाले अधिकारी एवं बाबू पैसे की डिमांड करते हैं। उनकी सुनने वाला कोई नहीं है।

यूपी बोर्ड क्षेत्रीय कार्यालय की हालत सबसे अधिक खराब है यहां फरियादियों की समस्या के बारे में बोर्ड के अधिकारी अनजान से हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें