सीमा पर दुश्मनों और देश के अंदर नक्सलियों से मुकाबला करने वाले अर्धसैनिक बल के कर्मचारियों को 2004 के बाद से सेवानिवृत्ति कोष में पांच करोड़ रुपये से अधिक का ‘बड़ा’ नुकसान झेलना पड़ रहा है। अर्धसैनिक बल कर्मियों की आर्थिक स्थिति के बारे में हुए एक अध्ययन के आधार पर यह दावा किया गया है। इसके मुताबिक, वर्ष 2004 में सरकार के नियमित पेंशन बंद कर उन्हें राष्ट्रीय पेंशन योजना के अंतर्गत लाए जाने के बाद, ये नुकसान हुआ है।
अर्धसैनिक बल के एक वरिष्ठ अधिकारी के अध्ययन के मुताबिक, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) जैसे केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों को एनपीएस प्रणाली के अंतर्गत लाए जाने से ‘उल्लेखनीय नुकसान’ हुआ है। ऐसा जवानों को दुर्गम इलाकों में चुनौतीपूर्ण काम करने के बावजूद आम नागरिकों के साथ इस योजना में जोड़े जाने के कारण हुआ है।
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