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'मोदी 2.0' कैबिनेट में अमित शाह हो सकते हैं गृहमंत्री, बदलेगी सुषमा, जेटली और नड्डा की भूमिका

Fri, 24 May 2019 10:26 AM IST
Nilesh Kumar निलेश कुमार, अमर उजाला, नई दिल्ली
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PM Modi, Amit Shah - फोटो : PTI
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'मोदी है तो मुमकिन है' से लेकर 'आएगा तो मोदी ही' के नारों के साथ चले प्रचार कैंपेन के बाद भाजपा ने 'अबकी बार 300 पार' का लक्ष्य साकार कर लिया। प्रचंड बहुमत के साथ देश की जनता ने 17वीं लोकसभा के लिए देश की बागडोर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों में सौंप दी। मोदी के नाम पर और राष्ट्रवाद की लहर में इस बड़ी जीत के बाद देश भर में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच जश्न का माहौल है। वहीं दूसरी ओर 'मोदी 2.0' सरकार में नए कैबिनेट को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। 

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मोदी कैबिनेट में इस बार कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, वहीं कुछ पुराने चेहरों को आराम दिया जा सकता है। इसी के साथ पार्टी के नए अध्यक्ष का नाम भी जल्द ही तय किया जा सकता है। भाजपा की इस बड़ी जीत के बाद मोदी कैबिनेट के कई मंत्रियों के मंत्रालय बदले जा सकते हैं, वहीं जीत में अहम भूमिका निभाने वाले नेताओं को अहम जगह मिल सकती है। प्रधानमंत्री के पद के बाद गृह मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और विदेश मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालयों पर सबकी नजर रहती है कि यहां किसे जगह मिलेगी। 

अमित शाह को मिल सकता है गृह मंत्रालय 

मोदी कैबिनेट में गुजरात के गृह मंत्री रह चुके अमित शाह भाजपा की इस शानदार जीत में एक बार फिर 'चाणक्य' के तौर पर उभरे हैं। विधानसभा चुनावों के दौरान उत्तर प्रदेश में शानदार जीत के बाद लोकसभा चुनाव में उन्होंने अपनी शानदार रणनीति और मेहनत का प्रदर्शन किया है। ऐसे में उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाकर इनाम दिया जा सकता है। उन्हें गृह मंत्रालय सौंपे जाने की चर्चा जोरों पर है। ऐसा हुआ तो फिर राजनाथ सिंह का मंत्रालय बदल जाएगा।

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शाह गृहमंत्री तो फिर भाजपा अध्यक्ष कौन?

नरेंद्र मोदी के भाषण की बड़ी बातें - फोटो : PTI
भाजपा की पारंपरिक सीट गुजरात के गांधीनगर से रिकॉर्ड जीत दर्ज करने वाले अमित शाह को अगर गृह मंत्री बनाया जाता है तो पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी खाली होगी। ऐसे में भाजपा का अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर भी सियासी चर्चा जोरों पर है। भाजपा की शानदार जीत के बाद भाजपा मुख्यालय में जीत के जश्न के दौरान पीएम मोदी और शाह के साथ राजनाथ सिंह तो थे ही, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा भी मंच साझा करते दिखे थे। ऐसे में एक चर्चा जेपी नड्डा को यह अहम जिम्मेदारी दिए जाने की भी है। वहीं पार्टी की कमान सौंपे जाने को लेकर दूसरी चर्चा नितिन गडकरी के नाम की भी है। 

सुषमा स्वराज मंत्रालय छोड़ेंगी तो कौन होगा विदेश मंत्री?
अटल सरकार में भी कद्दावर नेत्री रहीं और फिर मोदी सरकार में भी अहम नेत्री रहीं सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री के तौर पर शानदार परफॉर्मेंस करने वालों में रही हैं। उनकी उम्र भी हो चली है और उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता। विदेश मंत्री के तौर पर विदेश की यात्राओं के दौरान उनका स्वास्थ्य उनके काम के आड़े आता रहता है। ऐसे में सुषमा के विदेश मंत्रालय छोड़ने पर कोई ताज्जुब नहीं होगा। 

गोयल को मिल सकता है जेटली का मंत्रालय

अरुण जेटली
पिछले पांच सालों में हर मोर्चे पर सफलता का दावा करने वाली मोदी सरकार आर्थिक मोर्चे पर न केवल विपक्ष के, बल्कि अर्थशास्त्रियों और आलोचकों के भी निशाने पर रही है। ऐसे में वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी और बढ़ेगी। अरुण जेटली एक समय 'योग्य' रहे हों, लेकिन पिछले लंबे समय से उनका स्वास्थ्य बहुत ठीक नहीं रहता है। जेटली का जब इलाज चल रहा था तो पीयूष गोयल वित्त मंत्रालय का काम संभाल रहे थे। मोदी सरकार के अंतरिम बजट के दौरान उन्होंने ही वित्त मंत्री की भूमिका निभाई। ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि गोयल को वित्त मंत्रालय सौंपा जाए और जेटली के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें राज्यमंत्री बना दिया जाए या फिर कोई हल्का मंत्रालय दिया जाए। 
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जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव, वहां से भी होंगे मंत्री?

नरेंद्र मोदी-नीतीश कुमार (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड में इसी साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होंगे। ऐसे में मोदी कैबिनेट में इन राज्यों के जीते सांसदों को प्राथमिकता दी जा सकती है। साल 2022 में उत्तर प्रदेश में भी चुनाव होंगे। ऐसे में कैबिनेट में यहां से भी बड़े नाम शामिल हो सकते हैं। 

लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में भाजपा को बड़ी सफलता मिली है। यहां जिन नेताओं ने जीत की नींव रखी है, उनमें से भी कुछ चेहरों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। यहां भी साल 2021 में विधानसभा चुनाव होंगे। 

मंत्रिमंडल में शामिल होंगी सहयोगी पार्टियां भी! 
भाजपा यूं तो पूर्ण बहुमत में है, लेकिन चुनाव से पहले अपने सहयोगी दलों से गठबंधन करने के बाद वह अब किनारा नहीं करेगी। गठबंधन धर्म के तहत सहयोगी पार्टियों से भी नेताओं को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। बिहार और महाराष्ट्र की बात करें तो जदयू और शिवसेना को बड़ी कामयाबी मिली है। ऐसे में मोदी ब्रिगेड में मंत्री के तौर पर नए चेहरे शामिल हो सकते हैं। 
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