एलओसी जिस मामले में जारी किया गया है वह ऑनलाइन पोंजी घोटाले से संबंधित है, जिसमें फर्जी बैंक खातों, शेल कंपनियों/फर्मों और क्रिप्टो-व्यापारियों के एक जटिल नेटवर्क का उपयोग करके भारत से सैकड़ों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और हेराफेरी शामिल है।
ओडिशा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) की तरफ से दर्ज मुकदमे के आधार पर आव्रजन (इमिग्रेशन) ब्यूरो ने ऑनलाइन पोंजी घोटाले में तीन चीनी नागरिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है। एक अधिकारी ने सोमवार को बताया कि आव्रजन ब्यूरो ने ईओडब्ल्यू के आग्रह पर चीनी नागरिक लियू हुआन, वेनहुई झेंग व जू जियाओलू के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। ये सभी घोटाले के मुख्य आरोपी गुआन्हुआ वांग के करीबी सहयोगी हैं। वांग के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी हो चुका है। वांग व उसके सहयोगी वर्ष 2019 में बंगलूरू पहुंचे थे। उन्होंने 14 मुखौटा कंपनियां बनाईं और उनके जरिये साइबर-वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दिया।
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यह है पोंजी घोटाला
बता दें, एलओसी जिस मामले में जारी किया गया है वह ऑनलाइन पोंजी घोटाले से संबंधित है, जिसमें फर्जी बैंक खातों, शेल कंपनियों/फर्मों और क्रिप्टो-व्यापारियों के एक जटिल नेटवर्क का उपयोग करके भारत से सैकड़ों करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और हेराफेरी शामिल है।
चार साल पहले बनाई थी कंपनी
40 वर्षीय गुआनहुआ वांग चीन का रहने वाला है। साल 2019 में उन्होंने बेंगलुरु के डिकेंसन रोड में एक कंपनी बेटटेक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड बनाई। आर्थिक अपराध शाखा ने यह भी दावा किया कि वह अपने मूल निदेशकों गेमकैंप सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड और बायरॉन्टेक टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से बेंगलुरु स्थित कम से कम दो अन्य कंपनियों को भी चलाता है।
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छह बार आया भारत
आरोपी वांग ने साल 2019 और 2020 के बीच में 6 बार भारत का दौरा किया। आर्थिक अपराध शाखा ने कहा कि आरोपी भारत में रह रहे सहयोगियों की मदद से चीन से घोटाले को अंजाम दे रहा था।