उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने बुधवार को गरीबी मिटाने के लिए दीर्घकालिक नीतियों को तलाशने की वकालत की। उन्होंने कहा, गरीबी उन्मूलन के लिए अल्पकालिक माफी और मुफ्त उपहार सरीखे तरीके अपनाने के बजाय दीर्घकालिक नीति और समाधान ढूंढ़े जाने चाहिए।
नायडू ने कहा, लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता का निर्णय सर्वोच्च है और दुर्भाग्य की बात है कि कुछ लोगों ने जनादेश के प्रति असहिष्णु भाव विकसित कर लिए हैं। उन्होंने संसद तथा राज्य विधानसभाओं में कामकाज में बाधा डालने और परंपराओं के उल्लंघन पर चिंता जताई और इस मुद्दे पर चर्चा व वाद आयोजित करने की आवश्यकता को चिह्नित किया।
नायडू ने बुधवार को अपने वियतनामी समकक्ष दांग थी नगोक के साथ वार्ता की। मंगलवार को भारत पहुंची दांग तीन दिवसीय दौरे पर हैं। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने एक ट्वीट करते हुए वियतनामी उपराष्ट्रपति दांग थी नगोक का स्वागत किया।
उन्होंने कहा कि वियतनाम, आसियान में एक करीबी रणनीतिक साझेदार है और हमारी एक्ट ईस्ट नीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत और वियतनाम प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे। उपराष्ट्रपति नगोक भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी मुलाकात करेंगी।