विधानसभा के उपाध्यक्ष तेसम पोंगटे ने भी ईटानगर से विधायक कासो के भाजपा में शामिल होने को मंजूरी दे दी है। तेकी के आने के बाद भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर अब 49 हो गई है। अरुणाचल प्रदेश की विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं।
बिहार में नीतीश कुमार के महागठबंधन ने विश्वासमत जीत लिया है। इस बीच अरुणाचल प्रदेश में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के लिए बुरी खबर आई है। बताया जा रहा है कि जदयू के एकमात्र विधायक तेकी कासो ने बुधवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया।
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विधानसभा के उपाध्यक्ष तेसम पोंगटे ने भी ईटानगर से विधायक कासो के भाजपा में शामिल होने को मंजूरी दे दी है। तेकी के आने के बाद भाजपा विधायकों की संख्या बढ़कर अब 49 हो गई है। अरुणाचल प्रदेश की विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली जदयू ने 2019 के अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव में 15 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इस दौरान जदयू को सात सीटों पर जीत मिली थी। जदयू भाजपा के बाद राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनी थी। भाजपा ने सबसे ज्यादा 41 सीटें जीती थीं।
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इसके बाद 25 दिसंबर 2020 को जदयू के छह विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे। राज्य में कांग्रेस और भाजपा की सहयोगी पार्टी एनपीपी के चार-चार विधायक हैं। विधानसभा में तीन विधायक निर्दलीय हैं। निर्दलीय भी भाजपा के समर्थन में हैं।
इससे पहले नीतीश कुमार ने बिहार विधानसभा में भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि CM नीतीश ने कहा कि अब हमारा संकल्प है कि हम मिलकर बिहार का विकास करेंगे। हमें देश भर की पार्टियों के लोगों ने फोन कर कहा कि आपने सही निर्णय लिया है। हमने कहा कि सब मिल कर लड़ेंगे तो 2024 भी जीतेंगे। दिल्ली से कुछ काम नहीं हो रहा सिर्फ प्रचार हो रहा है, लोगों की आय घट रही है।
गिरिराज सिंह ने साधा नीतीश पर निशाना
नीतीश कुमार पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि अटल जी के समय क्या नरेंद्र मोदी भाजपा में नहीं थे? क्या आपने(नीतीश कुमार) भारत सरकार में मंत्री बनकर गुजरात में जाकर नरेंद्र मोदी की पीठ थपथपाने का काम नहीं किया था। कौन सा सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ रहा है?