lok sabah election 2019, PM Modi and Rahul Gandhi
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लोकसभा चुनावों में जीत का ताज किसके सिर सजेगा, यह आज तय हो जाएगा। विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत सात चरणों में डाले गए वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी और दोपहर तक रुझान मिलने लगेंगे। ज्यादातर एग्जिट पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में भाजपा नीत एनडीए की सत्ता में वापसी की संभावना जताई है, वहीं विपक्षी दलों ने एग्जिट पोल के नतीजों को खारिज करते हुए अपनी अपनी जीत का दावा किया है। 2014 लोकसभा चुनाव में भाजपा ने अकेले 282 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस महज 44 सीटों पर सिमट गई थी। इस बार पीएम मोदी का जादू बरकरार रहता है या राहुल गांधी का करिश्मा देखने को मिलेगा, यह देर शाम तक तय हो जाएगा।
सभी राज्यों को गृह मंत्रालय ने किया अलर्ट
ईवीएम को लेकर मचे विवाद के बीच गृह मंत्रालय ने मतगणना के दौरान हिंसा या गड़बड़ी की आशंका को लेकर सभी राज्यों को अलर्ट किया है। मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मतगणना स्थल और ईवीएम स्ट्रांग रूम की सुरक्षा बढ़ाने को कहा है।
मतगणना से नतीजों तक की प्रक्रिया ऐसे समझें
- सुबह 7 से 8 बजे तक कड़ी निगरानी में ईवीएम को स्ट्रांग रूम से निकालकर मतगणना स्थल पर लाया जाएगा। इसके बाद काउंटिंग एजेंटों को प्रवेश दिया जाएगा।
- चुनाव अधिकारी दो चरणों में डाक से आए पोस्टल बैलट जांचेंगे। साढ़े आठ बजे ईवीएम की गिनती शुरू होगी। एक राउंड में 14 ईवीएम की गिनती हो सकती है।
- मतगणना अधिकारी प्रत्येक प्रत्याशी को मिले वोटों को हर चरण के हिसाब से रिकॉर्ड कर मौजूद अधिकारियों और उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों की सहमति के बाद रिटर्निंग अफसर को भेजेंगे। रिटर्निंग अफसर पहले राउंड के नतीजों की घोषणा के साथ उसे राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजेंगे।
- निर्वाचन अधिकारी नतीजे केंद्रीय चुनाव आयोग को भेजेंगे जहां से उसे सुविधा एप पर अपलोड कर दिया जाएगा। एक राउंड के आंकड़े अपलोड होने के बाद अगले चरण की गिनती का काम शुरू होगा। हर राउंड की मतगणना के बाद आपत्ति दर्ज कराने को दो मिनट का समय दिया जाएगा। वोटों की पूरी गिनती होने तक यह प्रक्रिया जारी रहेगी।
- आखिरी राउंड में प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र की विधानसभाओं में पांच पोलिंग स्टेशन पर ईवीएम के साथ वीवीपैट का मिलान किया जाएगा। अगर मिलान में कोई विसंगति मिलती है तो वीवीपैट पर्चियों को सही माना जाएगा। अब तक केवल एक ईवीएम और वीवीपैट का मिलान होता था, लेकिन नई व्यवस्था से नतीजे आने में देर होगी।