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विपक्ष ने चुनाव आयोग से पूछा, बताएं कहां रिपेयर होती हैं ईवीएम, बैलेट पेपर से चुनाव का किया समर्थन

Tue, 28 Aug 2018 05:04 AM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस और दूसरे विपक्षी दलों ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर सवाल उठाए। इन दलों का कहना था कि जब भी मशीनों के साथ छेड़छाड़ की बात सामने आती है, तो वोट भाजपा को ही क्यों जाते हैं, किसी अन्य पार्टी को क्यों नहीं जाते। इन दलों ने मांग की है कि खराब मशीनों की रिपेयरिंग करने वाली फर्म्स का नाम और पता उपलब्ध कराया जाए। 
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सोमवार को चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक में भाजपा समेत प्रमुख विपक्षी दलों कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, सीपीआई, सीपीएम और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में सभी सात राष्ट्रीय दलों के अलावा 51 क्षेत्रीय और दूसरे राजनीतिक दलों को बुलाया गया था, लेकिन तकरीबन 40 क्षेत्रीय दलों ने ही इस बैठक में हिस्सा लिया। आयोग ने यह बैठक चुनावी प्रक्रिया में सुधारों को लेकर बुलाई थी। 

बैठक में सभी विपक्षी दलों ने मांग की कि कई बार ईवीएम से छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पिछले साल उत्तर प्रदेश में भाजपा की जबरदस्त जीत के बाद बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी ने ईवीएम पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इनके साथ छेड़छाड़ की गई है, जिसके चलते नतीजे भाजपा के पक्ष में गए हैं। हालांकि बाद में चुनाव आयोग ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को हैक करने को लेकर एक हैकथॉन का आयोजन किया था, जिसमें सभी दलों से ईवीएम को हैक करनी की चुनौती दी गई थी। 
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कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक का कहना है कि ईवीएम जनता की भावना का प्रदर्शन नहीं करती हैं। हमने कई बार देखा है कि ईवीएम में खराबी की शिकायतें लगातार आई हैं और उस दौरान वोट केवल एक राजनीतिक दल को ही जाते हैं। उन्होंने सवाल उठाए कि आखिर क्यों ईवीएम में खराबी होने पर एक दल को ही वोट क्यों जाते हैं किसी दूसरे दल को क्यों नहीं। उन्होंने मांग की कि इस बात की जानकारी उपलब्ध कराई जाए कि इन खराब ईवीएम मशीनों को कौन रिपेयर कर रहा है और कितनी पुरानी मशीनें अभी इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि 2019 के लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं। 
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बैलेट पेपर से चुनाव की मांग

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तृणमूल कांग्रेस के नेता कल्याण बनर्जी का कहना था कि बैलेट पेपर सुरक्षित हैं और साफ-सुथरी चुनाव प्रक्रिया में इनका अहम योगदान है। उन्होंने साफ किया कि हम ईवीएम को टेंपर प्रूफ नहीं मानते हैं। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों के बीच सर्वसम्मति है कि 2019 के लोकसभा चुनावों में बैलेट पेपरों का इस्तेमाल होना चाहिए। 

राजनीतिक दलों की मांग है कि आयोग कम से कम 30 फीसदी वोटों की जांच पड़ताल करे। वहीं इन दलों की मांग पर चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि आयोग केवल एक फीसदी वोटों की ही मैचिंग कर सकता है। साथ ही कांग्रेस ने मांग करते हुए कहा कि चुनाव में करीब 30 फीसदी वीवीपैट का इस्तेमाल हो, जबकि आम आदमी पार्टी ने 20 फीसदी की मांग रखी। इसके अलावा कांग्रेस की मांग है कि स्क्रीन पर वोटिंग के बाद विजिबिलिटी बढ़ाई जाए। 

वहीं उनकी इस मांग का जेडीएस, टीडीपी, समाजवादी पार्टी, सीपीएम, आरजेडी, डीएमके, सीपीआई, वाईएसआर कांग्रेस, केरल कांग्रेस मणी और आल इंडिया यूनाइडेट डेमोक्रेटिक फंड ने भी समर्थन किया है।
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