आमतौर पर केंद्र की सरकारों को एक एक बिल पास कराने के लिए लोकसभा और राज्यसभा में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। सरकार कोई बिल जैसे तैसे लोकसभा में पास करवा भी ले तो वो राज्यसभा में आकर अटक जाता है।
लेकिन बुधवार को संसद की कार्यवाही का ऐसा दुर्लभ उदाहरण देखने को मिला जिसमें एक ही दिन में एक बिल को लोकसभा और राज्यसभा दोनों से मंजूरी मिल गई। खास बात ये रही कि उसी दिन यह बिल राष्ट्रपति के पास सहमति के लिए पहुंचा और वहां भी उसी दिन हरी झंडी मिल गई। यह एतिहासिक मामला है राजेन्द्र प्रसाद सेंट्रल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के बिल का। जिसे एतिहासिक रूप से एक ही दिन में पास कर दिया गया।
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार बिहार के समस्तीपुर में बनने वाली राज्य की पहली राजेन्द्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी (पूसा) के लिए बिल बुधवार को राज्यसभा की सहमति के लिए रखा गया था। इसके बाद इसे लोकसभा से भी उसी दिन अनुमति मिल गई। केन्द्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने इसे बिहार की जनता के लिए बड़ा तोहफा बताया है। उन्होंने कहा इससे लोगों की लंबे समय से अटकी पड़ी मांग पूरी हो गई।
राजेन्द्र एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी को दोनों सदनों में सहमति नियमों में छूट के द्वारा मिल पाई जिसमें किसी खास बिल को दोनों सदनों में कम से कम समय में अनुमति का प्रावधान है। संविधान विशेषज्ञ और लोकसभा के पूर्व महासचिव पीडीटी आचरे बताते हैं कि यदि कोई सदन किसी बिल को एक दिन में ही तय कर दे तो उसे ऊपर भेजा जा सकता है।
एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के बिल में भी ऐसे ही हुआ। बिल पहले राज्यसभा से पास हुआ उसके बाद उसे लोकसभा में रखा गया जहां से उसे बिना चर्चा के ही तत्काल अनुमति मिल गई।