फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लोकपाल को 2019-20 के दौरान मिली 1427 शिकायतें, 1347 का निपटारा

Sun, 18 Oct 2020 01:37 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, नई दिल्ली।
विज्ञापन
लोकपाल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

भ्रष्टाचार निरोधी संस्था लोकपाल को 2019-20 के दौरान 1,427 शिकायतें मिली हैं। इनमें से 613 शिकायतें राज्य सरकार के कर्मचारियों, जबकि चार शिकायतें केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ हैं। कई सांसदों के खिलाफ भी शिकायतें मिली हैं। लोकपाल के आंकड़ों के मुताबिक, 245 शिकायतें केंद्रीय कर्मचारियों, 200 शिकायतें सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और सांविधानिक निकायों, न्यायिक संस्थानों और स्वायत्त निकायों के खिलाफ मिली हैं। वहीं, 135 शिकायतें निजी लोगों और संगठनों के खिलाफ मिली हैं।

विज्ञापन


आंकड़ों के मुताबिक, छह शिकायतें राज्यों के मंत्रियों और विधानसभा के सदस्यों और चार शिकायतें केंद्रीय मंत्रियों के खिलाफ आई हैं। कुल शिकायतों में से 220 में आग्रह, टिप्पणियां और सुझाव थे। इसमें कहा गया है कि कुल 613 शिकायतें राज्य सरकार के कर्मचारियों और राज्य स्तर पर सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों, सांविधानिक निकायों, न्यायिक संस्थानों और स्वायत्त निकायों के खिलाफ हैं।


आंकड़ों में कहा गया है कि कुल 1,427 शिकायतों में से 1,347 का निपटारा कर दिया गया है। इनमें 1,152 शिकायतें लोकपाल के दायरे से बाहर थीं। लोकपाल में आठ सदस्य और एक चेयरमैन होता है। लोकपाल के चेयरमैन जस्टिस पिनाकी चंद घोष हैं, जिन्हें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बीते साल 23 मार्च को शपथ दिलाई थी।
विज्ञापन


29 शिकायतें सीवीसी और दो शिकायतें सीबीआई के पास लंबित
78 शिकायतें को तय फॉर्म पर देने को कहा गया। 45 शिकायतें यथास्थिति रिपोर्ट या जांच रिपोर्ट के लिए भेजी गईं और 32 शिकायतों के मामले में संबंधित एजेंसी को उचित कदम उठाने के निर्देश दिए गए। 29 मामले अभी केंद्रीय सतर्कता आयोग के पास लंबित हैं। इनमें से 25 की स्टेटस रिपोर्ट और चार शिकायतों की जांच रिपोर्ट लंबित है।

इसके अलावा चार शिकायतें उच्च शिक्षा विभाग और दो शिकायतें स्टेटस रिपोर्ट के लिए सीबीआई को भेजी गईं। एक शिकायत रेलवे बोर्ड के पास जांच के लिए लंबित है। दो मामले सांस्कृतिक मंत्रालय और एक-एक शिकायतें जल संसाधन मंत्रालय, आयकर महानिदेशालय, शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, जहाजरानी मंत्रालय और डाक विभाग के पास लंबित हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें