Raybareli, Congress, Sonia Gandhi
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रायबरेली लोकसभा सीट
रायबरेली से एक बार फिर सोनिया ताल ठोक रही हैं। कांग्रेस सुप्रीमो रहीं और वर्तमान में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी यहां से पांचवीं बार चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस 'इस बार पांच लाख पार' नारे के साथ चुनावी मैदान में उतरी है, हालांकि पिछले चुनाव में सोनिया को 5.26 लाख वोट मिले थे। सपा-बसपा गठबंधन ने तो यहां गांधी परिवार का सम्मान करते हुए उम्मीदवार ही नहीं उतारा है, लेकिन इस बार कांग्रेस का 'हाथ' छोड़ भाजपा का साथ देने वाले उम्मीदवार दिनेश प्रताप सिंह सोनिया के लिए थोड़ी दिक्कत पैदा कर सकते हैं।
पांच विधानसभा क्षेत्रों वाले रायबरेली में महज दो सीटें कांग्रेस के पास हैं और भाजपा के पास भी दो। रायबरेली में जहां कांग्रेस वर्चस्व में रही है, वहीं पिछली बार हरचंदपुर में भाजपा बहुत कम अंतर से हारी थी। बछरावां और सारेनी सीटें भाजपा के पास हैं, जबकि ऊंचाहार से सपा के विधायक हैं। पिछले विधानसभा चुनावों से उत्साहित भाजपा इन्हीं आंकड़ों के बलबूते कांग्रेस को उसके गढ़ में घेरने की तैयारी में है।
Political status of Amethi
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अमेठी लोकसभा सीट
चुनिंदा हॉट सीटों में से एक अमेठी लोकसभा सीट कांग्रेस और खासकर नेहरू-गांधी परिवार की परंपरागत सीट रही है। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरु, उनके पोते संजय गांधी, राजीव गांधी के अलावा सोनिया गांधी यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। तीन बार यहां से सांसद रहे राहुल गांधी ने चौथी बार अपना नामांकन दाखिल किया है। वहीं, पिछली बार की तरह इस बार भी उनका मुकाबला भाजपा नेत्री स्मृति ईरानी से है।
2004 लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी लड़े और बड़ी जीत हासिल की। जीत का अंतर रहा 49.33 फीसदी। 2009 में राहुल 57.24 फीसदी के अंतर से जीते, लेकिन 2014 में मोदी लहर के बीच उनकी जीत का अंतर महज 12 फीसदी रह गया। राहुल गांधी के केरल की वायनाड सीट से नामांकन, अमेठी में स्मृति के डेरा जमाने और राहुल गांधी पर भाजपा नेताओं की आक्रामकता इस ओर इशारा करती है कि गांधी परिवार के लिए अपनी साख बचाना बहुत आसान नहीं है।
फिलहाल पांचवे चरण के चुनाव के लिए प्रचार का शोर थम चुका है। प्रत्याशी डोर टू डोर कैंपेन में लगे हैं। इन तीनों सीटों पर भी सोमवार को मतदान होगा और जनता उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेगी।