संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया। लोकसभा सचिवालय ने शुक्रवार को अधिसूचना जारी कर निष्कासन की घोषणा की। बता दें, मोइत्रा पर उपहारों के बदले संसद में सवाल पूछने के आरोप हैं।
प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया
अधिसूचना में लिखा है कि- लोकसभा ने आठ दिसंबर 2023 को पश्चिम बंगाल के कृष्णनगर संसदीय क्षेत्र से निर्वाचित सदस्य महुआ मोइत्रा को लोकसभा की सदस्यता से निष्कासित करने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। अब लोकसभा के सदस्य के रूप में मोइत्रा का कार्यकाल समाप्त हो गया है। अचार समिति ने शुक्रवार को ही रिपोर्ट पेश की थी, जिसे ध्वनि मत से अपना लिया गया।
मां काली का श्राप
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने हमला किया। उन्होंने कहा कि मोइत्रा कहती थी कि उनकी काली माता मांस खाती हैं। सिगरेट पीती हैं। व्हिस्की पीती हैं। काली मां के श्राप के कारण ही उन्हें कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया। एक दिन पहले भी अधिकारी ने कहा था कि भगवान का जिक्र करते समय अपमानजनक शब्दों का प्रयोग न किया करें। उनका क्रोध आपको पूरी तरह से नष्ट कर देगा। आप अपने बयानों से उन्हें छोटा नहीं कर सकते लेकिन ईश्वर का क्रोध आपको बर्बाद कर देगा। जय मां काली।
जानिए, महुआ मोइत्रा पर आखिर क्या आरोप लगे है?
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से उपहार के बदले संसद में सवाल पूछने का आरोप है। इस मामले में लोकसभा की आचार समिति ने उन्हें सांसद पद से निष्कासित करने की सिफारिश की है। इससे पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अदाणी समूह पर सवाल पूछने के लिए सांसद मोइत्रा ने रिश्वत ली थी। उन्होंने अडानी ग्रुप के मामले में पीएम मोदी की छवि खराब करने की कोशिश की। यहां तक कि मोइत्रा पर संसद की लॉगिन क्रेडेंशियल साझा करने का भी गंभीर आरोप है। हालांकि, मोइत्रा ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपना आईडी-पासवर्ड व्यापारी के साथ साझा किया था।