दूसरे चरण के मतदान के दौरान 26 अप्रैल को कुछ अज्ञात लोगों ने छह में से चार मतदान केंद्रों में ईवीएम और वीवीपैट को क्षतिग्रस्त कर दिया था। वहीं एक अन्य मतदान केंद्र में ईवीएम मशीन में खराबी और दूसरे में कुछ अज्ञात लोगों की धमकी के कारण मतदान पूरा नहीं हो पाया था।
मणिपुर में पिछले एक साल से जारी जातीय हिंसा के बीच राज्य में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान कराए जा रहे हैं। मंगलवार को आउटर मणिपुर के छह मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान कराया गया। सुबह के नौ बजे तक यहां 16.68 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था लेकिन अंतिम आंकड़ा अभी जारी नहीं हुआ है। किसी भी मतदान केंद्र में हिंसा या झड़प के मामले सामने नहीं आए। मतदान सुबह के सात बजे से शुरू हुआ था। मतदान केंद्रों में कड़ी सुरक्षा में मतदान कराए गए हैं।
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दूसरे चरण के मतदान के दौरान 26 अप्रैल को कुछ अज्ञात लोगों ने छह में से चार मतदान केंद्रों में ईवीएम और वीवीपैट को क्षतिग्रस्त कर दिया था। वहीं एक अन्य मतदान केंद्र में ईवीएम मशीन में खराबी और दूसरे में कुछ अज्ञात लोगों की धमकी के कारण मतदान पूरा नहीं हो पाया था। उखरुल विधानसभा क्षेत्र के चार मतदान केंद्रों पर मतदान, और उखरुल में चिंगाई विधानसभा सीट और सेनापति में करोंग के एक-एक मतदान केंद्र पर मतदान को अमान्य घोषित कर दिया गया था। उखरूल जिले के मतदान केंद्रों में कुल 4,156 मतदाता हैं।
बता दें कि इससे पहले इनर मणिपुर के 11 मतदान केंद्रों में भी दोबारा मतदान कराया गया था। 19 अप्रैल को पहले चरण के मतदान के दौरान धांधली के आरोपों के कारण इन केंद्रों में पुनर्मतदान कराने का फैसला लिया गया था।
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कर्नाटक और अरुणाचल प्रदेश में भी हो चुका है दोबारा मतदान
सोमवार को कर्नाटक के चामराजनगर में दोबारा मतदान कराया गया था। चामराजनगर लोकसभा क्षेत्र में 26 अप्रैल को मतदान कराया गया था, लेकिन दो गुटों के बीच झड़प के कारण मतदान केंद्र में ईवीएम मशीन के साथ तोड़फोड़ की गई थी। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में लोकसभा चुनाव और विधानसभा चुनाव के शुरुआती चरण में 19 अप्रैल को आठ मतदान केंद्रों में हिंसा की घटनाएं देखने को मिली थी। हिंसा की घटनाओं को देखते हुए इन मतदान केंद्रों में 24 अप्रैल को पुनर्मतदान कराए गए थे।