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Priyanka In Lok Sabha: ऑपरेशन सिंदूर पर प्रियंका ने पूछे तीखे सवाल, क्या पीएम जिम्मेदारी लेंगे, हिम्मत है?

Tue, 29 Jul 2025 02:49 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

लोकसभा में पहलगाम आतंकी हमले और भारतीय सेना के ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे। प्रियंका ने पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी में जिम्मेदारी लेने की हिम्मत है। प्रियंका ने मां सोनिया गांधी का नाम लेकर की गई टिप्पणी पर भी पलटवार किया।
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लोकसभा में प्रियंका गांधी के भाषण का अंश - फोटो : priyanka
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विस्तार
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प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर हो रहे बहस के दौरान केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले के पीछे की सुरक्षाचूक को रेखांकित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि पहलगाम की बायसरन घाटी में सुरक्षा वहां क्यों नहीं थी? क्या सरकार को मालूम नहीं था कि हजारों लोग वहां जाते हैं। लोग सरकार के भरोसे गए और सरकार ने उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया। ये किसकी जिम्मेदारी किसकी थी? 

सदन में मां सोनिया का जिक्र कर भावुक हुई प्रियंका

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सदन में अपने भाषण के दौरान प्रियंका गांधी ने अपनी मां सोनिया गांधी का जिक्र करते अमित शाह के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि गृह मंत्री ने आज मेरी मां के आंसुओं की बात की। मैं इसका जवाब देना चाहती हूं। मेरी मां के आंसू उस दिन गिरे थे, जब आतंकियों ने मेरे पिता की हत्या कर दी थी। उन्होंने आगे कहा कि आज जब मैं पहलगाम हमले के 26 पीड़ितों की बात करती हूं, तो इसलिए क्योंकि मैं उनके दर्द को महसूस करती हूं। मैंने भी अपना पिता खोया है, इसलिए मुझे पता है कि दुख क्या होता है।

'वहां एक भी सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं था?'
प्रियंका गांधी ने पहलगाम हमले को लेकर आगे केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल भी उठाए हैं। उन्होंने कहा कि उस जगह पर एक भी सुरक्षाकर्मी मौजूद क्यों नहीं था? क्या नागरिकों की सुरक्षा प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी नहीं है? प्रियंका गांधी ने कहा कि जिस जगह हादसा हुआ, वह पर्यटकों का लोकप्रिय स्थान है, फिर भी वहां सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। उन्होंने केंद्र से पूछा कि सरकार ने इस लापरवाही पर अब तक जवाब क्यों नहीं दिया। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों की जान की जिम्मेदारी सरकार की होती है, और इस मामले में कड़ी जांच और जवाबदेही जरूरी है।

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'जनता की नहीं, सिर्फ प्रचार की चिंता है सरकार को'
प्रियंका गांधी ने आगे केंद्र सरकार पर जनता की चिंता छोड़ केवल प्रचार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह सरकार हमेशा सवालों से बचती है। इन्हें देश के नागरिकों के प्रति कोई जवाबदेही महसूस नहीं होती। सच तो यह है कि इनके दिल में जनता के लिए जगह ही नहीं है। इनके लिए सब कुछ राजनीति और प्रचार है।

प्रियंका गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ इवेंट और छवि बनाने में व्यस्त है, जबकि जनता की समस्याओं और सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर चुप्पी साध ली जाती है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार का काम जवाब देना और जिम्मेदारी लेना होता है, लेकिन मौजूदा सरकार इससे भागती नजर आती है।

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सुरक्षाचूक को लेकर कौन लेगा जिम्मेदारी- प्रियंका

प्रियंका गांधी ने पहलगाम आतंकी हमले के जिम्मेदार टीआरएफ को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 'टीआरएफ ने कई आतंकी हमले किए, लेकिन 2023 में उसे आतंकी संगठन घोषित किया गया। एक संगठन इतना बड़ा हमला करता है और सरकार को पता नहीं चला? हमारी एजेंसियां हैं, इनकी जिम्मेदारी कौन लेगा, क्या किसी ने इस्तीफा दिया? खुफिया विभाग गृह मंत्रालय के तहत आता है, क्या गृह मंत्री ने इसकी जिम्मेदारी ली। इतिहास की बात आप करते हैं, मैं वर्तमान की बात करूंगी। 11 साल से तो आपकी सरकार है, आपकी कोई जिम्मेदारी है कि नहीं।

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अमित शाह पर साधा निशाना, पूछे तीखे सवाल
प्रियंका गांधी ने आगे गृह मंत्री अमित शाह के भाषण पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह ने संसद में पंडित नेहरू, इंदिरा गांधी और मेरी मां सोनिया गांधी के आंसुओं की बात तो की, लेकिन जम्मू-कश्मीर में सीजफायर क्यों किया गया, इसका जवाब नहीं दिया। प्रियंका ने कहा कि आज गृह मंत्री ने बीते नेताओं की बातें कीं, लेकिन देश को यह नहीं बताया कि जब हमारे जवान शहीद हो रहे हैं, तब सरकार ने संघर्षविराम क्यों घोषित किया? साथ ही उन्होंने सरकार से सीधे सवाल पूछा कि क्या यह फैसला जनता और सेना के हित में था या कोई राजनीतिक मजबूरी? साथ ही उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाया जा रहा है।
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