सार
लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के बिल की जांच कर रही संसदीय समिति को शीतकालीन सत्र के अंत तक का विस्तार मिल गया है। समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने इस संबंध में एक प्रस्ताव पेश किया था, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
One Nation One Election: लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने के बिल की जांच कर रही संसद की संयुक्त समिति को नया सेवा विस्तार दिया गया है। अब यह समिति शीतकालीन सत्र के अंत तक अपनी रिपोर्ट सौंप सकेगी। बुधवार को लोकसभा में समिति के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने रिपोर्ट पेश करने की समय सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक का समय मांगा था।
सदन ने इस प्रस्ताव को ध्वनि मत से मंजूर कर लिया। संसद का शीतकालीन सत्र आमतौर पर नवंबर के आखिरी हफ्ते में शुरू होता है और क्रिसमस से पहले खत्म हो जाता है। कार्यकाल बढ़ने से अब समिति को इस बड़े बदलाव पर और अधिक विचार विमर्श करने का समय मिल गया है।
संविधान संशोधन विधेयक की जांच
यह 41 सदस्यों वाली समिति संविधान (129वां संशोधन) विधेयक 2024 की बारीकी से जांच कर रही है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य देश में वन नेशन वन इलेक्शन के ढांचे को लागू करना है। सरकार की योजना साल 2029 तक लोकसभा, राज्य विधानसभाओं और स्थानीय निकायों के चुनाव एक साथ कराने की है।
समिति प्रस्तावित संशोधनों को लेकर देशभर में विचार विमर्श कर रही है। इस प्रक्रिया में विभिन्न पक्षों से राय ली जा रही है ताकि चुनाव प्रक्रिया में होने वाले इस बड़े बदलाव के हर पहलू को समझा जा सके। पीपी चौधरी ने कहा, 'समिति को रिपोर्ट तैयार करने के लिए और समय की आवश्यकता है ताकि सभी सुझावों को शामिल किया जा सके।'
पीपी चौधरी ने आगे कहा, 'समिति की रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा को शीतकालीन सत्र के अंतिम सप्ताह के पहले दिन तक बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया है।'
एक साथ चुनाव कराने के इस मुद्दे पर केंद्र सरकार काफी समय से सक्रिय है। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही इस दिशा में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसी वजह से यह विस्तार महत्वपूर्ण माना जा रहा है।