महाराष्ट्र में चौथे चरण के मदतान के दौरान एक अजीब नजारा देखने को मिला। नवापुर मतदान केंद्र पर जो लोग वोटिंग के लिए पहुंचे थे वो वोट तो महाराष्ट्र में डाल रहे थे लेकिन उन्होंने लाइन गुजरात में लगा रखी थी। दरअसल, जिस स्कूल में मतदान केंद्र बना हुआ थो वो है तो महाराष्ट्र में पर उसके गेट के बाहर से गुजरात की सीमा शुरू हो जाती है।
1 मई 1960 के विभाजन से पहले महाराष्ट्र और गुजरात मुंबई प्रांत में थे। इसके बाद इसे विभाजित करके महाराष्ट्र और गुजरात दो अलग-अलग राज्य बनाए गए। गुजरात और महाराष्ट्र की सीमा से सटा नवापुर के इस पोलिंग बूथ की वजह से संयुक्त राज्य यानी मुंबई प्रांत की यादें ताजा हो जाती हैं।
नवापुर के इस जिला पंचायत के स्कूल में मराठी और गुजराती दोनों भाषाएं बच्चों को पढ़ाई जाती हैं। स्कूल की स्थापना स्वतंत्रता से पहले अंग्रेज शासनकाल में सन् 1927 में हुई थी। स्कूल में गुजराती भाषा पहली से सातवीं कक्षा तक पढ़ाई जाती है।