आम चुनाव से पहले सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर ने सोमवार को भारत के लिए विज्ञापन पारदर्शिता केंद्र स्थापित किया। इसके जरिए लोग देश में राजनीतिक विज्ञापनों का ब्योरा देख सकेंगे। इसमें विज्ञापन देने वालों का खर्च और उसके प्रभाव के आंकड़े शामिल हैं।
ट्विटर ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह राजनीतिक इकाइयों विज्ञापन व्यय और ट्वीट के प्रभाव के आंकड़े आदि का ब्योरा उपयोगकर्ताओं को उपलब्ध कराएगी। कंपनी ने राजनीतिक विज्ञापनों के लिए नियम कड़े कर अपने मंच पर पारदर्शिता लाने के इरादे से यह कदम उठाया है।
सोशल नेटवर्किंग साइट ने 19 फरवरी को अपने ब्लाग पोस्ट में लिखा था कि इस नीति को भारत समेत कुछ अन्य देशों में 11 मार्च से प्रभाव में लाया जाएगा। इससे केवल प्रमाणित विज्ञापनदाताओं को ही इस मंच पर राजनीतिक विज्ञापन की अनुमति होगी।
इसके अनुसार भारत के लिए विज्ञापन पारदर्शी केंद्र (एटीसी) सोमवार से काम करने लगा। इसके जरिए लोग यह पता लगा सकेंगे कि ट्विटर पर कौन राजनीतिक विज्ञापन दे रहा है, उसपर कितना खर्च हुआ तथा किस आबादी को ध्यान में रखकर यह किया गया।
उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने सोशल मीडिया कंपनियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अवांछित माध्यमों से देश की चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोई भी कोशिश की गई, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।