लोकसभा चुनाव में हैदराबाद सीट पर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को अपना समर्थन दे सकती है। जबकि बदले में वह तेलंगाना की 16 लोकसभा सीटों पर एआईएमआईएम से समर्थन लेगी। इससे पहले भी टीआरएस हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी को अपना समर्थन देती रही है।
हैदराबाद से तीन बार सांसद रहे ओवैसी ने बीते साल हुए चुनाव में टीआरएस के लिए विधानसभा की कुछ सीटों पर चुनाव प्रचार किया था। 119 विधानसभा सीटों वाले तेलंगाना में टीआरएस को 88 सीटें मिली थीं। जिसके बाद चंद्रशेखर राव एक बार फिर तेलंगाना मुख्यमंत्री की कुर्सी पर काबिज हुए।
पीटीआई से बात करते हुए टीआरएस के प्रवक्ता आबिद रसूल खान ने कहा कि एआईएमआईएम और टीआरएस दोस्ताना पार्टी हैं। हम उन्हें (एआईएमआईएम) हैदराबाद सीट पर समर्थन करेंगे, बदले में हम तेलंगाना की 16 लोकसभा सीटों पर उनका समर्थन लेंगे।
मुख्यमंत्री राव के भतीजे टी हरीश राव और बेटे केटी रामा राव को कैबिनेट में नहीं शामिल करने के सवाल पर खान ने कहा, "पार्टी का लक्ष्य 17 लोकसभा सीटों में से 16 लोकसभा सीटों पर जीत का है। इस समय चुनाव प्रचार के लिए अधिक लोगों की जरुरत है शायद इसलिए मुख्यमंत्री ने उनके ऊपर ज्यादा बोझ देना नहीं चाहा है।"
दरअसल, हरीश राव और रामाराव के पास केसीआर सरकार के पहले कार्यकाल में अहम मंत्रालय थे। 13 दिसंबर को चंद्रशेखर राव के लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री का पद संभालने के एक दिन बाद रामाराव को टीआरएस का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया।