कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी जब कांग्रेस मुख्यालय के घोषणापत्र पंडाल में दाखिल हुईं तो कई कांग्रेस के बड़े नेता रास्ते में थे। मुख्य मंच खाली पड़ा था। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी दस जनपथ में थे। प्रियंका कोई आधा घंटा पहले आई और तब कांग्रेस के नेताओं के लिए लगाई गई चौथाई कुर्सियां खाली थी। वह बेहद साधारण तरीके से आईं, दूसरी पंक्ति की तीसरी कुर्सी पर बैठ गईं। कुछ नेता आए, वह खड़ी हुईं, मिलीं और फिर बैठ गईं। कु. शैलजा आईं, बगल बैठीं और उनसे चर्चा होने लगी।
न कोई दिखावा, न कोई तामझाम
पार्टी के वरिष्ठ नेता पहली कतार में थे। दाईं तरफ से पीसी चाको, अजय माकन, आरपीएन सिंह, सैम पित्रोदा, आनंद शर्मा, एके एंटनी, जनार्दन द्विवेदी, मोहसिना किदवई, शीला दीक्षित, मोती लाल वोरा बैठे थे तो दूसरी कतार में शैलजा, प्रियंका गांधी, किरम चौधरी समेत अन्य। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सभी नेताओं की तरह बिना किसी अलग दिखावा या तामझाम के प्रियंका ने भी आगे की राह पकड़ ली।
पूरा विश्वास, जीतेंगे चुनाव
उत्तर प्रदेश के दौरे से लौटकर आई प्रियंका गांधी वाड्रा के चेहरे पर आत्मविश्वास का भाव दिखाई दिया। एक वरिष्ठ नेता के अनुसार इस चुनाव से प्रियंका गांधी वाड्रा को काफी उम्मीद है। वह उत्तर प्रदेश में महिलाओं, बच्चों, युवाओं से मिलकर लौटी हैं। राज्य में लोगों के मन में मोदी सरकार और भाजपा के प्रति काफी नाराजगी दिखी है। कांग्रेस महासचिव को भरोसा है कि जल्द ही उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव दिखाई देगा। इसके साथ-साथ उन्होंने कु. शैलजा से भी राजनीतिक हाल चाल पूछा।