यह पूछे जाने पर कि सीटों का बंटवारा करने में इतना वक्त क्यों लगा, यादव ने कहा कि पहले मुझे यह स्पष्ट करने दीजिए कि हड़बड़ी में एक निष्प्रभावी गठबंधन पर मुहर लगाने के बजाय हमारा विचार न सिर्फ राजनीतिक दलों बल्कि समाज के विभिन्न घटकों का एक मजबूत इंद्रधनुषी गठबंधन बनाने का था। बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री ने महागठबंधन पर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में कहा कि अब जब हमनें इसे आकार दे दिया है तो देखने वाली बात यह है कि राजग कितना परेशान है।
घटक दलों के बीच लंबी बातचीत के बाद बिहार में महागठबंधन ने शुक्रवार को सभी 40 संसदीय सीटों के बंटवारे का विवरण साझा किया था। इसके तहत पाटलिपुत्र और दरभंगा से राजद नेता मीसा भारती और अब्दुल बारी सिद्दीकी के साथ ही सासाराम से कांग्रेस नेता मीरा कुमार समेत अन्य सीटों पर गठबंधन के उम्मीदवारों के नाम का एलान किया गया।
सीटों के बंटवारे पर बनी सहमति के मुताबिक राजद के हिस्से में 20 सीटें आई हैं जिनमें से एक सीट उसने भाकपा (माले) को दी है। कांग्रेस नौ सीटों पर लड़ेगी, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) पांच सीटों पर जबकि पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी तीन-तीन सीटों पर चुनाव लड़ेगी।