लालू यादव के जीवन पर आने वाली किताब 'गोपालगंज टू रायसीना' ने बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। इस किताब में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर कई दावे किए गए हैं। किताब का दावा है कि नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होने के बाद फिर से महागठबंधन में वापस आना चाहते थे। लेकिन लालू ने उन्हें मना कर दिया क्योंकि नीतीश पर उनका भरोसा पूरी तरह खत्म हो गया। गौरतलब है कि लालू यादव इस वक्त चारा घोटाले को लेकर जेल में हैं।
जदयू के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से मुलाकात के सवाल पर तेजस्वी ने कहा कि हमने कभी भी उनको नहीं बुलाया। वो खुद ही हमारे पास आए थे, सभी जानते हैं कि प्रशांत बिना वजह किसी से नहीं मिलते हैं। कहा जाता है कि प्रशांत किशोर ही वह व्यक्ति थे जिन्होने राजद और जदयू को एक साथ महागठबंधन के बैनर तले लाए थे।