बाद में यह दावा किया गया कि देश के 90 फीसदी लोग इस फैसले के समर्थन में हैं। शत्रुघ्न सिन्हा ने इसे प्रायोजित और स्वार्थवश रायशुमारी का नाम दिया था। उन्होंने कहा कि लोग मूर्खों की दुनिया में जीना बंद करें। लोगों को हो रही तकलीफों को समझें। बुरे वक्त में मां-बहनों द्वारा जमा की गई गाढ़ी कमाई को काले धन से न जोड़ें।
मोदी के काफिले से ट्रैफिक जाम होता है: सिन्हा
पिछले दिनों पीएम नरेंद्र मोदी सीआईएसएफ के स्थापना दिवस समारोह पर नोएडा गए थे। वे जिन मार्गों से गुजरे, वहां रूट लगा था। वाहन चालकों को दिक्कत हुई। शत्रुघ्न सिन्हा ने इसी बात को लेकर मोदी पर एक बार फिर निशाना साध दिया। कहा, मोदी वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उनके काफिले से आम लोगों को परेशानी होती है।
मोदी ने जब अपना पहला साक्षात्कार दिया तो सिन्हा ने उसे बनावटी बताते हुए कहा, मोदी को प्रेसवार्ता करने में क्या परेशानी होती है। जब उन्होंने देश का भला किया है तो वे प्रेस में आकर अपनी बात क्यों नहीं रखते। नोटबंदी पर पीएम नरेंद्र मोदी की रायशुमारी पर सिन्हा ने सवाल खड़े कर दिए थे। मोदी ने एक एप के जरिए लोगों से नोटबंदी पर दस सवाल पूछे थे।