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घोषणापत्र की योजनाओं पर सोनिया गांधी की रहती थी पैनी नजर, होते थे सवाल-जवाब

Wed, 03 Apr 2019 09:33 PM IST
Jitendra Bhardwaj जितेंद्र भारद्वाज, नई दिल्ली 
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sonia gandhi - फोटो : PTI
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यह बात बहुत कम लोग जानते होंगे कि यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी कांग्रेस पार्टी के घोषणापत्र को लेकर कितनी गंभीर रही हैं। घोषणापत्र को अपने हाथों में लेकर वे मंत्रियों या पार्टी पदाधिकारियों की क्लास लेती थीं। खूब सवाल-जवाब होते, लेकिन जब तक सोनिया गांधी उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होतीं, कोई वहां से हिलता तक नहीं था। ऐसा नहीं था कि उनका कोई सहायक घोषणापत्र की प्रति अपने हाथ में लेकर कुछ बता रहा हो, सोनिया गांधी खुद अपने हाथ में घोषणापत्र की फाइल रखती थीं। मकसद केवल यह पता लगाना था कि घोषणापत्र में जिन योजनाओं का जिक्र हुआ है, वे अभी कहां तक पहुंची हैं। उनका प्रगति रिपोर्ट क्या है।

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बता दें कि घोषणा पत्र तैयार करने और उसे लागू करने की प्रक्रिया पर सोनिया गांधी की पैनी निगाह रहती थी। 2019 के चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने जो घोषणापत्र तैयार किया, उसका ड्राफ़्ट यूपीए चेयरपर्सन को भेजा गया था। हालांकि घोषणापत्र को जब प्रिंट कराया गया तो उसमें कुछ कमियां निकली। मंगलवार को एआईसीसी दफ़्तर में आयोजित समारोह के दौरान जब घोषणा पत्र का अनावरण हुआ तो एक प्रति सोनिया गांधी के आगे रखी गई। उन्होंने उसे देखा और कई पेज भी पलटे। इसके बाद उन्होंने घोषणापत्र तैयार करने वाली कमेटी के चेयरमैन पी. चिदंबरम और संयोजक राजीव गौड़ा को भी अपने सुझाव कम शिकायत से अवगत करा दिया। 

समारोह खत्म होने के चालीस मिनट बाद पी. चिदंबरम सोनिया गांधी के आवास पर भी गए। कांग्रेस पार्टी के नेता व बिहार मामलों के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल का कहना है कि सोनिया गांधी पार्टी घोषणापत्र को लेकर हमेशा संजीदा रही हैं। पहले भी जब कभी घोषणापत्र तैयार हुए या जारी किए गए तो उन्होंने बहुत ही बारीकी से हर एक तथ्य का अध्ययन किया। यूपीए सरकार के कार्यकाल के दौरान वे कई बार घोषणापत्र को लेकर मंत्रियों की बैठक लेती थीं। इतना ही नहीं, वे अपने स्टाफ के साथ भी घोषणापत्र और उसके क्रियान्वयन को लेकर बात करती रहती थीं। 
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कौन सी घोषणा कब पूरी होगी, देर क्यों हो रही है या इसे तय समय से पहले कैसे पूरा किया जाए, इन सब बातों पर वे सवाल जवाब करती थीं। बाकायदा ऐसी बैठकों के मिनट्स भी तैयार होते थे। इन सबके मद्देनजर कांग्रेस पार्टी ने 2019 का घोषणा पत्र तैयार कराने के लिए कई माह पहले ही कमेटी का गठन कर दिया था। कोई भी घोषणा ऐसी न हो, जिसे पूरा करने में दिक्कत आए, इसके लिए देश-विदेश के विशेषज्ञों की राय ली गई।
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