लोकसभा चुनाव 2019 का बिगुल बजने के बाद से यह अब महासंग्राम में बदल चुका है। चुनावी मैदान में अपनी किस्मत अजमाने उतरे उम्मीदवारों ने चुनाव आयोग को दिए जाने वाले हलफनामों में अपनी संपत्ति का ब्योरा तो दिया है लेकिन अपने स्वास्थ्य के बारे में जनता को जानकारी नहीं दी है।
ऐसा कम ही होता है कि कोई नेता सार्वजनिक रूप से अपने स्वास्थ्य जानकारी दे। ज्यादातर नेता अपनी हर वो बात छुपाने कोशिश करते हैं जिनसे उनकी छवि को किसी भी तरह का नुकसान हो। बता दें कि ज्यादातर नेता तो इस हलफनामे में भी अपनी संपत्ति की मौजूदा कीमत के बारे में खुलकर जानकारी नहीं देते हैं। तो भला अपने स्वास्थ्य के बारे में जानकारी कैसे दे सकते हैं? गौरतलब है कि इस बार 11 अप्रैल से 19 मई के बीच सात चरणों में मतदान संपन्न होगा। वहीं चुनावी नतीजे 23 मई को घोषित किए जाएंगे।
इसी विषय पर अमर उजाला डॉट कॉम ने ऑनलाइन पोल में अपने पाठकों से सवाल पूछा था 'क्या चुनाव लड़ रहे नेताओं को अपने स्वास्थ्य के बारे में भी जनता को बताना चाहिए?'
पोल के जवाब में 82.43 फीसदी पाठकों ने माना कि चुनाव लड़ रहे नेताओं को अपने स्वास्थ्य के बारे में भी जनता को जानकारी देनी चाहिए। जबकि 17.57 फीसदी पाठकों ने कहा कि चुनाव लड़ रहे नेताओं को अपने स्वास्थ्य के बारे में जनता को नहीं बताना चाहिए।