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कांग्रेस के लिए देशभर में प्रचार करेंगे रॉबर्ट वाड्रा, जेटली का तंज- किसको होगा फायदा?

Sun, 07 Apr 2019 06:29 PM IST
यशवीर सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
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कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के पति राबर्ट वाड्रा लोकसभा चुनाव के लिए देशभर में कांग्रेस पार्टी के लिए चुनाव प्रचार करेंगे। रविवार को समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान रॉबर्ट वाड्रा ने कहा है कि वह न सिर्फ राहुल गांधी और कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी के नामांकन के लिए अमेठी और रायबरेली में उनके साथ रहेंगे बल्कि वह देशभर में कांग्रेस के लिए चुनाव प्रचार भी करेंगे।

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कांग्रेस के लिए रॉबर्ट वाड्रा के चुनाव प्रचार में शामिल होने की खबर पर अरुण जेटली ने कहा- मुझे नहीं पता यह कांग्रेस के चुनाव प्रचार के लिए फायदेमंद होगा या फिर भाजपा के चुनाव प्रचार के लिए।
 

लोकसभा चुनाव में वाड्रा के कांग्रेस के लिए प्रचार करने पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने करारा तंज कसा है। उन्होंने कहा, "इतना ही कहना चाहूंगी, जहां-जहां श्री रॉबर्ट वाड्रा प्रचार करने जाना चाहते हैं वहां कि जनता आगाह हो जाए और अपनी जमीनें बचा ले। 
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इससे पहले फरवरी में वाड्रा ने सक्रिय राजनीति में आने के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि अगर वह चुनाव लड़ने का फैसला करते हैं तो इसके लिए वह अपनी जन्मभूमि मुरादाबाद को चुनेंगे। इसके कुछ दिन बाद गाजियाबाद में उनके समर्थन में पोस्टर भी लगे थे। जिसमें लिखा था- गाजियाबाद करे पुकार, रॉबर्ट वाड्रा अबकी बार। 

माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी के प्रचार अभियान में जुड़ने से वाड्रा अब भाजपा के निशाने पर होंगे। बता दें कि वाड्रा से मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पूछताछ कर रहा है। जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पेट्रोलियम और रक्षा सौदों में रिश्वत ली है। इस मामले में एक अप्रैल को विशेष सीबीआई अदालत ने उन्हें अग्रिम जमानत दी थी। अदालत ने राबर्ट वाड्रा और उनके करीबी मनोज अरोड़ा को पांच लाख रुपये के बेल बॉन्ड पर अग्रिम जमानत दी थी। अदालत ने जमानत के साथ यह शर्त भी लगाई है कि रॉबर्ट वाड्रा और मनोज अरोड़ा दोनों ही पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते हैं। दोनों को जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना होगा। साथ ही सबूत या गवाहों के साथ कोई छेड़छाड़ न करने की भी चेतावनी दी गई थी। 

 
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यह है पूरा मामला जिसमें फंसे हैं वाड्रा

ईडी एक पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स की जांच कर रही है। इसे ओएनजीसी ने विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया था। सैमसंग इंजीनियरिंग को इसका हिस्सा बनाने के लिए ओएनजीसी ने पैसे दिए थे। इसके बाद सैमसंग ने संजय भंडारी की दुबई स्थित कंपनी इंटरनेशनल एफजेडसी को काम दिया।

यह अनुबंध सैमसंग को दिसंबर 2008 में मिला था और कंपनी ने इसके बाद सेंटेक को 49,90,000 अमेरीकी डॉलर का भुगतान किया था। भंडारी की सेंटेक ने जून 2009 को लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर में संपत्ति खरीदी थी। यह संपत्ति वर्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत थी। 

सेंटेक ने वर्टेक्स के खाते में 17 करोड़ रुपये के स्टर्लिंग स्थानांतरित किए। वर्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सारे शेयर स्काई लाइट इनवेस्टमेंट एफजेडईऊ दुबई ने खरीद लिया था जिसका पूरा नियंत्रण लंदन में सी थम्पी करते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार सी थम्पी रॉबर्ट वाड्रा के करीबी माने जाते हैं।

संजय भंडारी, सुमित चढ्डा (स्जय का लंदन स्थित रिश्तेदार), मनोज अरोड़ा और रॉबर्ट वाड्रा के बीच ईमेल के जरिए हुई बातचीत से पता चला है कि उन्हें वाड्रा की संपत्ति में गहरी रुची थी और वे इसके नवीकरण को लेकर किए जा रहे कामों को जानना चाहते थे।

ईडी का दावा है कि भंडारी ने स्टर्लिंग का 59 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन किया। इसके बावजूद मेयफेयर एफजेडई शारजाह दुबई को 17 करोड़ रुपये स्टर्लिंग के लिए 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर की संपत्ति बेच दी गई।
 

 
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