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राहुल बोले, दक्षिण भारत के लोगों को लगता है कि मोदी उनसे ‘शत्रुता’ रखते हैं

Tue, 02 Apr 2019 06:12 PM IST
अमित मंडल भाषा, नई दिल्ली
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राहुल गांधी - फोटो : ANI
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने खुद के केरल की वायनाड लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हमले पर पलटवार करते हुए मंगलवार को कहा कि दक्षिण भारत के लोगों को लगता है कि मोदी उनसे ‘शत्रुता’ रखते हैं और देश के इस हिस्से के लोगों के साथ एकजुटता प्रकट करने के लिए वह केरल से चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

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गांधी ने पार्टी का घोषणापत्र जारी किए जाने के मौके पर एक सवाल के जवाब में कहा कि दक्षिण भारत में एक भावना है कि मौजूदा सरकार में उन पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। दक्षिण भारत को लगता है कि नरेंद्र मोदी जी उससे शत्रुता का भाव रखते हैं। उनको लगता है कि इस देश की, निर्णय लेने की प्रक्रिया में उनको शामिल नहीं किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि मैं दक्षिण भारत को संदेश देना चाहता था कि हम आपके साथ खड़े हैं। इसलिए मैंने केरल से चुनाव लड़ने का फैसला किया। मोदी के एक बयान के संदर्भ में उन्होंने कहा, हम सब लोग हिंदू हैं। मगर देश में रोजगार की जरूरत है। किसानों की मदद करने की जरूरत है। महिलाओं को अधिकार की जरूरत है। मोदी जी डरे हुए हैं, छिप रहे हैं । 
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उन्होंने कहा कि मोदी जी भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति पर मुझसे बहस करें। मैं उन्हें चुनौती देता हूं। 

दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार को कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उसने शांतिप्रिय हिन्दुओं पर आतंकवादी होने का ठप्पा लगाने का प्रयास करके धर्म के मार्ग पर चलने वालों को अपमानित किया है। उन्होंने महाराष्ट्र के वर्धा में एक चुनावी सभा में कहा था कि उस पार्टी (कांग्रेस) के नेता अब बहुसंख्यक (हिंदू) आबादी वाली सीटों से चुनाव लड़ने से डर रहे हैं। 

गौरतलब है कि गांधी इस बार अपनी परंपरागत सीट अमेठी (उत्तर प्रदेश) के अलावा केरल के वायनाड से भी चुनाव लड़ रहे हैं।

राहुल गांधी ने दावा किया कि भाजपा विमर्श को बदलना चाहती है लेकिन विमर्श नहीं बदल सकता है। मुख्य मुद्दा रोजगार और किसानों की समस्या का है। देश की अर्थव्यवस्था अटकी हुई है। उसे गति देना है। प्रधानमंत्री पद के सवाल पर उन्होंने कहा क यह फैसला देश को करना है। मैं तो अपना काम कर रहा हूं। 

उन्होंने कहा कि देश में आर्थिक आपातकाल लगा हुआ है। देश को शॉक थेरेपी की जरूरत है। इसलिए हम देश के सबसे गरीब लोगों को पैसे देने जा रहे हैं। हम फिर से पहले वाली विकास दर हासिल करेंगे। विमर्श तय हो गया है और वह विमर्श ‘न्याय’ है। अगर मोदी जी अनिल अंबानी को 30 हजार करोड़ रुपये दे सकते हैं तो हम गरीबों को पैसे क्यों नहीं दे सकते  
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