बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने बिहार में सवर्णों के खिलाफ मुहिम चलाई थी। बिहार के कई हिस्सों में नरसंहार हुए थे जिसमें कई लोगों की जानें भी गई थीं और इस नरसंहार में रणवीर सेना भी शामिल थी। इससे तंग आकर कई भूमिहारों का वामपंथ से मोहभंग हो गया। 2000 के विधानसभा चुनाव में लालू यादव ने सीपीआई और सीपीएम से गठबंधन कर लिया जिसके बाद से ही वामपंथ की वहां कमर टूट गई और वामपंथ का प्रभाव खत्म हो गया।
2014 के हालात
बेगूसराय लोकसभा क्षेत्र में कुल 17,78,759 मतदाता हैं जिसमें महिला मतदाता 8,28,874 जबकि पुरुष मतदाताओं की संख्या 9,49,825 है। 2014 लोकसभा चुनाव में बेगूसराय से भाजपा के भोला सिंह ने जीत दर्ज की थी, राजद के मो. तनवीर हसन दूसरे जबकि सीपीआई से राजेन्द्र प्रसाद सिंह वोटों के हिसाब से तीसरे नंबर पर रहे। अक्टूबर 2018 में भोला सिंह के निधन के बाद से यह सीट खाली है।
वर्तमान स्थिति
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेगूसराय की चुनावी यात्रा की और यहां कई योजनाओं की आधारशिला रखी। भोला सिंह के निधन के बाद भाजपा में नए उम्मीदवार के नाम पर मंथन चल रहा है। उधर, भाजपा के खिलाफ कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी लगभग तय है। यानी यहां एक दिलचस्प जंग देखने को मिल सकती है।