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लोग तय करेंगे कि वो चौकीदार रखेंगे या नहीं: नवजोत सिंह सिद्धू

Sat, 20 Apr 2019 03:52 PM IST
तिवारी अभिषेक डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नवजोत सिंह सिद्धू (फाइल फोटो) - फोटो : ANI
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कांग्रेस नेता और पंजाब सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने शनिवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला है। इस बार उन्होंने सरकारी कंपनियों का मुद्दा उठाया। सिद्धू ने कहा, पीएम मोदी ने सरकारी कंपनियों को बर्बाद और प्राइवेट कंपनियों को आबाद कर दिया है। मोदी ने 55 देशों में यात्रा की है। उनके साथ अंबानी और अडानी भी गए थे। 18 बड़े समझौते हुए, मगर ये समझौते सरकारी कंपनियों की बजाए प्राइवेट कंपनियों को मिल गए। पहले आतंकी हमलों पर त्यागपत्र मांगे जाते थे, अब वोट मांगे जाते हैं। नवजोत सिद्धू ने कहा, अब लोग तय करेंगे कि वो चौकीदार रखेंगे या नहीं।

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कांग्रेस नेता ने कहा, जो कंपनियां मुनाफे में चल रही थी, वे मोदी राज में डूब रही हैं। उन्होंने कहा,रूस में 2015 के दौरान मोदी के साथ अंबानी भी गए थे। वे एक मरी हुई कंपनी खरीदते हैं, जिसका नाम रिलायंस डिफेंस है। इस कंपनी को एयर डिफेंस सिस्टम का छह अरब डॉलर का टेंडर मिल जाता है। इसके बाद मोदी फ्रांस जाते हैं तो अंबानी को तीस हजार करोड़ रुपये का राफेल लड़ाकू विमान का टेंडर मिल जाता है।

फ्रांस में अंबानी पर 1100 करोड़ रुपये का टैक्स माफ कर दिया गया। केवल 56 करोड़ रुपये भरे गए। कांग्रेस नेता ने कहा, ये मेहरबानी राफेल सौदे से जुड़ी है। जब पीएम मोदी स्वीडन गए तो अनमेंड एरियल व्हिकल सिंगल इंजन का सौदा प्राइवेट हाथों में चला जाता है। भारतीय नौसेना के लिए 60 हजार करोड रुपये का एयरक्राफट सौदा सरकारी कंपनी को क्यों नहीं मिला। एचएएल, जिसके पास 60-70 साल का अनुभव था, उन्हें कांट्रेक्ट नहीं मिला। आज इस कंपनी के पास अपने कर्मियों को वेतन देने के पैसे नहीं हैं। नवजोत ने कहा, इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
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 2016 में अडानी ने इजरायल के साथ अनमेंड एयर क्राफ्ट सिस्टम तैयार करने का सौदा भी ले लिया। अंबानी की कंपनी को एयर टू एयर मिसाइल बनाने के लिए 65 हजार करोड़ रुपये का सौदा मिल गया। डीआरडीओ में क्या खामी है, उसे कांट्रेक्ट क्यों नहीं मिलते। मोदी जो कि खुद को देशभक्त कहते हैं, ऐसे में केवल उन्हें दो ही लोग दिखे। उन्हें ही सारे टेंडर दिला दिए। प्राइवेट कंपनी की महंगी बिजली खरीदी, लेकिन स्वदेशी कंपनी की सस्ती बिजली लेना मंजूर नहीं...। 

नवजोत सिद्धू ने कहा, बांग्लादेश में पीएम जाते हैं और उसी दिन रिलायंस को 3 अरब का बिजली बनाने का कांट्रेक्ट मिल जाता है। एनटीपीसी को तीन रुपये चालीस पैसे में भी वह कांट्रेक्ट नहीं मिला, जबकि अडानी, अंबानी को 5.90 पैसे प्रति यूनिट बिजली बनाने के रेट पर वह कांट्रेक्ट दे दिया गया। झारखंड में भी ऐसा ही हुआ। बिना किसी बोली के कांट्रेक्ट दे दिए गए।

नवजोत का आरोप है कि मोदी ने सरकारी कंपनियों को लूटकर उनका हिस्सा प्राइवेट कंपनियों को दे दिया। रिलायंस डिफेंस को तीन साल में 15 हजार करोड़ का मुनाफा होगा, जबकि सरकारी कंपनी एचएएल खत्म हो रही है। कांग्रेस नेता ने सवाल किया, क्या भारतीय कंपनियों में कोई माद्दा नहीं रहा। मलेशिया, इरान, मोजम्बिक और चीन सहित कई देशों में प्राइवेट कंपनियों को बड़े सौदे दिलाए गए।

सिद्धू ने सवाल किया कि क्या पीएम दो तीन लोगों के बिजनेस डेवेपमेंट मैनेजर के तौर पर काम कर रहे हैं। बीएसएनएल,एनटीपीसी और भारतीय डाक सब मुनाफे में थे, अब ये खत्म हो रहे हैं। फसल बीमा योजना राफेल से भी बड़ा घोटाला है। 47408 करोड़ रुपये का प्रीमियम है और क्लेम 31 हजार करोड़ का है। सारे लाभ कंपनियों को मिल रहे हैं। किसान का दो लाख रुपये भी बकाया रह जाए तो उसे जेल में डाल दिया जाता है। सरकार ने क्या अडानी, अंबानी से कभी बैंक चैक लेने की हिम्मत दिखाई है। एक लाख करोड़ अडानी पर, 46 हजार करोड़ अंबानी पर और 37 हजार करोड़ एस्सार पर बकाया है।
 

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लाभ वाले उद्योग घाटे में कैसे चले गए...

सिद्धू ने कहा, ओएनजीसी के पास 2014 में एक लाख करोड़ से ज्यादा का कैश पडा था, 2017-18 में वह 296 करोड़ रह गया। 2013 में बीएचईएल 7400 करोड़ के लाभ में थी, जबकि 2018 में 913 करोड़ का घाटा। स्टील अथॉरिटी आॅफ इंडिया 2014 में 2092 करोड़ रुपये के लाभ में थी, जबकि 2015-16 में  4137 करोड़ के घाटे में है। सिद्धू ने एक कविता के जरिए अपनी बात खत्म की...

पेटीएम मुनाफे में है और एसबीआई डूब रहा है 
जीओ मुनाफे में है और बीएसएनएल डूब रहा है 
रिलायंस डिफेंस मुनाफे में है और एचएएल डूब रहा है 
डॉलर मुनाफे में है और रुपया डूब रहा है 
प्राइवेट एयरलाइंस मुनाफे में है और एयर इंडिया डूब रहा है 
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