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चंद्रबाबू नायडू का पीएम मोदी को खुला खत, क्या खाली हाथ आंध्र प्रदेश आने में शर्म नहीं आई?

Fri, 01 Mar 2019 04:06 PM IST
ललित फुलारा चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Chandrababu naidu
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शुक्रवार को भाजपा की चुनावी रैली के विशाखापट्टनम पहुंचते ही आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जोरदार हमला बोला। लंबे समय से केंद्र सरकार से नाराज चल रहे नायडू ने आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा नहीं मिलने और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन विधेयक, 2014 के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं करने के कारण प्रधानमंत्री मोदी के नाम एक खुला पत्र लिखते हुए पूछा कि क्या खाली हाथ आंध्र प्रदेश आने में उन्हें शर्म नहीं आई?

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टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि उनके इस विश्वासघात के कारण राज्य के करीब 5 करोड़ लोग आक्रोशित हैं। नायडू ने उनसे पांच सालों बाद भी केंद्र द्वारा दिए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किए जाने का कारण पूछा। गौरतलब है कि 20 अप्रैल 2014 को तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा राज्य सभा में आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने का आश्वासन दिया गया था, जो अब तक नहीं मिल पाया है।

टीडीपी प्रमुख ने राज्य के लोगों से काले झंडे के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का विरोध करने की अपील की। इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य के पुनर्गठन के बाद 16,000 करोड़ रुपए के राजस्व घाटे के बदले 3,979 करोड़ रुपए की राशि दे कर केंद्र आंध्र प्रदेश के लोगों को धोखा नहीं दे रही है?

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नायडू ने मोदी को उनका वादा याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने आंध्र प्रदेश की राजधानी के विकास और सौंदर्यीकरण का वादा किया था, मगर साढ़े चार सालों में केंद्र द्वारा इसके लिए सिर्फ 15 हजार करोड़ रुपए दिए गए।

इसके अलावा नायडू ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जमीन, पानी, बिजली और सब्सिडी जैसी जरूरी सुविधाओं की जिम्मेदारी लेने के बावजूद केंद्र सरकार कडपा जिले में स्टील कारखाना खोलने में असफल रही। नायडू ने आरोप लगाया कि जब राज्य सरकार ने 11 राष्ट्रीय  शिक्षण संस्थानों की स्थापना के लिए 2,909 एकड़ जमीन आवंटित की तब भी केंद्र ने 12,825 करोड़ की जगह मात्र 895 करोड़ रुपए ही दिए।अपने पत्र में नायडू ने ऐसे ही कुल 17 मुद्दे उठाए जिन्हें राज्य के पुनर्गठन के दौरान केंद्र ने पूरा करने का वादा किया था मगर अब तक अधूरे हैं।

रेल मंत्री पियूष गोयल द्वारा की गई दक्षिण तट रेलवे जोन की घोषणा पर नायडू ने कहा कि 172 साल पुराने वाल्टेयर डिवीजन का विभाजन और राज्य के 6,500 करोड़ रुपए का राजस्व घाटा कर के केंद्र आंध्र प्रदेश से बदला ले रही है। नायडू ने कहा कि इस प्रकार रेलवे भर्ती बोर्ड का उल्लेख किए बिना जल्दबाजी में दक्षिण तट रेलवे जोन की घोषणा कर के केंद्र सरकार ने एक बार फिर उत्तरी आंध्र प्रदेश के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाया है।
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