बिहार में महागठबंधन संकट की तरफ बढ़ता नजर आ रहा है और कांग्रेस के कई नेता यह दावा कर रहे हैं कि पार्टी को सीटों के बंटवारे में उचित हिस्सेदारी नहीं मिली और आलाकमान से मांग की कि वह हस्तक्षेप करे इससे पहले कि बहुत देर हो जाए। हाल में कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व टेस्ट क्रिकेटर कीर्ति आजाद ने कहा कि वह पार्टी नेतृत्व से अनुरोध करेंगे कि वह निर्णायक कदम उठाए।
दरभंगा के मौजूदा सांसद ने कहा कि अगर किसी को अपनी मौजूदा सीट से ही लड़ने का मौका नहीं मिले तो यह भावी उम्मीदवारों के लिए ही नहीं बल्कि पूरी पार्टी के लिए बेहद हताशापूर्ण है। मैं कांग्रेस के सर्वोच्च नेतृत्व से अनुरोध करूंगा कि वह स्पष्ट रूप से विचार करे और कुछ निर्णायक कदम उठाए।
क्रिकेटर से राजनेता बने आजाद महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के दबाव से खुश नहीं हैं जो दरभंगा सीट से चुनाव लड़ने पर ही जोर दे रहे हैं। लंबे समय तक भाजपा से जुड़े रहे आजाद का नई दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी में काफी जोरशोर के साथ स्वागत किया था।
दोनों की परंपरागत मिथिला पाग लगाए तस्वीरें उनके कांग्रेस में शामिल होने के अगले दिन प्रमुख अखबारों में छपी थी और ऐसा संकेत दिया गया था कि महागठबंधन की तरफ से दरभंगा से आजाद की उम्मीदवारी तय है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री भागवत झा आजाद के बेटे कीर्ति आजाद मैथिल ब्राह्मण समुदाय से आते हैं।
दरभंगा सीट पर 2014 में मामूली अंतर से हारी राजद इस बार यहां से अपने वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी की उम्मीदवारी के लिए दबाव बना रही है। इस सीट पर मुसलमानों का अच्छा-खासा प्रभाव है।