लखीमपुर खीरी में चुनावी 'महासंग्राम'
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लोकसभा चुनाव 2019 की लड़ाई अब महासंग्राम में बदल चुकी है। हर तरफ नेताओं के वादों और रैलियों का शोर है। नेताओं और पार्टियों में विरोधियों के वार और एक दूसरे को चित करने की रणनीतियां नजर आ रही हैं। हर कोई बस अपने जीत के दावे कर रहा है। सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियां गिना रहा है तो विपक्ष पांच साल का हिसाब मांग रहा है।
लेकिन जनता क्या चाहती है और उनके मुद्दे क्या हैं? राजनेताओं के वादों और दावों के पीछे का सच क्या है? ऐसे ही कुछ सवालों के जवाब के लिए अमर उजाला डॉट कॉम का चुनावी रथ पहुंचा है लोगों के बीच। हमारे खास कार्यक्रम राल्को टायर महासंग्राम में हमने जनता से उनके दिल की बात जाननी चाही। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हमने जानने की कोशिश की कि क्या हैं यहां के चुनावी मुद्दे और जनप्रतिनिधियों से अपेक्षाएं।
इस चर्चा में हमारे साथ जुड़े- भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष शरद वाजपेयी और जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह, सपा से राजपाल सिंह।
भाजपा प्रतिनिधियों ने कहा कि लखीमपुर में सरकार ने बेहद कम वक्त में विकास के अपने वादे पूरे किए हैं। लेकिन एक स्थानीय महिला ने उनके दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहर में विकास नजर नहीं आता। इसके अलावा गरीबी, बेरोजगारी और महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों को भी उन्होंने उठाया।
सपा प्रतिनिधि ने दावा किया किया कि 2017 तक जिले में कई काम हुए जिनमें फोर-लेन हाईवे और ट्रॉमा सेंटर शामिल हैं। मौजूद जनता ने कार्यक्रम के दौरान सड़कों की खस्ता हालत को लेकर भी नेताओं को घेरा।