कांग्रेस आलाकमान ने जितिन प्रसाद को आखिर लखनऊ सीट से चुनाव लड़ने के लिए मना लिया है। कांग्रेस नेता जितिन प्रसाद उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लोकसभा चुनाव लड़ेंगे। यहां भाजपा प्रत्याशी केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह से उनकी टक्कर होगी। सपा-बसपा गठबंधन यहां से अपना उम्मीदवार नहीं उतारेगा ताकि जितिन की जीत का रास्ता साफ हो सके।
इससे पहले खबर थी कि जितिन ने लखनऊ से लड़ने से साफ तौर पर इनकार कर दिया है। वह अपनी परंपरागत सीट धौरहरा से ही लड़ना चाहते हैं। उनके परिजन भी चाहते थे कि वह पुरानी सीट से ही चुनाव लड़ें। इस बीच उनके भाजपा में शामिल होने की खबरें तक उड़ने लगीं। कहा जाने लगा कि शुक्रवार शाम तक वह भाजपा में शामिल हो सकते हैं।
जितिन ने सफाई में भी साफ तौर पर कुछ नहीं कहा। भाजपा में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने इतना ही कहा कि मैं किसी काल्पनिक सवाल का जवाब नहीं दे सकता।
केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को लखनऊ से दोबारा टिकट मिलने के साथ गठबंधन और कांग्रेस के लिए मजबूत प्रत्याशी चुनने की चुनौती थी। पिछले चुनाव में जीत हासिल करने वाले राजनाथ सिंह को यह सीट विरासत में मिली है।
वाजपेयी और लालजी टंडन की सीट रही है लखनऊ
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के राजधानी से सांसद रहने के बाद लालजी टंडन को इस सीट पर भाजपा की जीत बरकरार रखने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी, जिसे उन्होंने बखूबी निभाया था। इसके बाद यह सीट राजनाथ सिंह के खाते में आ गयी और उन्होंने भी बड़े अंतर से पिछले चुनाव में जीत हासिल की थी।