आगामी लोकसभा चुनावों के लिए पाटीदार नेता हार्दिक पटेल की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। हार्दिक पटेल को अगर गुजरात हाई कोर्ट बरी नहीं करता है तो वह मई में होने वाले लोकसभा चुनाव नहीं लड़ पाएंगे।
मालूम हो कि गुजरात के महेसाणा जिले में एक आरक्षण रैली के दौरान हुई हिंसा और तत्कालीन स्थानीय भाजपा विधायक ऋषिकेश पटेल के कार्यालय पर हमला और तोड़फोड़ करने के आरोप में बीते 25 जुलाई को एक स्थानीय अदालत ने हार्दिक पटेल को दो साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई थी।
नियम के मुताबिक ऐसे नेता जिन्हें दो साल या इससे अधिक की सजा मिली हो, वे सजा के दौरान चुनाव नहीं लड़ सकते। वकील रफीक लोखंडवाला ने बताया कि उन्होंने शुक्रवार को एक बार फिर गुजरात हाई कोर्ट से विसनगर की अदालत की सजा पर रोक लगाने का आग्रह किया है।