सब्सिडी छोड़ने की अपील ने किया कमाल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समाज के सक्षम परिवारों से गैस सब्सिडी छोड़ने की अपील की थी। ओडिशा जैसे राज्य में भी पीएम की इस अपील का खूब असर हुआ था और 1 मार्च 2019 तक ओडिशा में कुल 1.58 लाख लोग एलपीजी गैस पर सब्सिडी लेने से स्वेच्छा से इनकार कर चुके हैं। अधिकारी के मुताबिक़, यही कारण है कि हम ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक धुंआ मुक्त भोजन पकाने के लिए गैस पहुंचाने में सफल हुए हैं। अकेले पुरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सब्सिडी छोड़ने की अपील पर सात हजार लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी है।
गैस वितरकों की संख्या में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी
ग्राहकों की बढ़ती संख्या को सेवा सुनिश्चित कराने के लिए गैस वितरकों की संख्या बढ़ाना भी आवश्यक था। यही कारण है कि तीनों प्रमुख कम्पनियों ने इस क्षेत्र में गैस वितरकों को खूब लाइसेंस दिए। प्राप्त आंकड़े के मुताबिक़ 1 मई 2014 को ओडिशा राज्य में कुल गैस वितरकों की मात्रा केवल 378 थी जो 1 मार्च 2019 को 897 हो चुकी है। इसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के 404, भारत पेट्रोलियम के 211 और हिन्दुस्तान पेट्रोलियम के 282 गैस वितरक शामिल हैं।
वीडियो पर भाजपा की टिप्पणी
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता विजय सोनकर शास्त्री ने अमर उजाला से कहा कि केंद्र सरकार या भाजपा की तरफ से अभी किसी ने यह दावा नहीं किया है कि पूरे देश में हर परिवार को उज्ज्वला गैस योजना के अंदर लाया जा चुका है। अभी बहुत काम करना बाकी है और हमें अगला जनादेश मिलता है तो बाकी गरीब परिवारों को भी इसके अंतर्गत लाया जाएगा। संबित पात्रा ने गरीब के परिवार के साथ खाना खाकर एक सामाजिक एकता की बात स्थापित की है और इसे सकारात्मक अर्थ में लिया जाना चाहिए।