लोकसभा चुनावों से पहले गुजरात के अहमदाबाद में होने जा रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में एनडीए-भाजपा सरकार द्वारा लागू की गई नोटबंदी पर खास चर्चा होगी। चुनाव प्रचार में प्रभावी तरीके से लोगों को यह बताया जाएगा कि पीएम नरेंद्र मोदी के फैसले से अर्थव्यवस्था किस तरह का नुकसान पहुंचा। इस प्रस्ताव को फाइनल मंजूरी के लिए सीडब्ल्यूसी के समक्ष रखा जाएगा। इसके अलावा जीएसटी, किसानों की दयनीय स्थिति और बेरोजगारी जैसे मुद्दे भी सीडब्ल्यूसी बैठक के मुख्य एजेंडे में शामिल हैं।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि 12 मार्च को सीडब्ल्यूसी की बैठक में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी, यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और महासचिव प्रियंका गांधी सहित सभी बड़े नेता शिरकत करेंगे। कांग्रेस पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर किस तरह से एनडीए-भाजपा सरकार को घेरेगी, इस बाबत सीडब्ल्यूसी में चर्चा की जाएगी।
जयराम रमेश के मुताबिक, बैठक में नोटबंदी और बैंकिंग सेक्टर पर मोदी सरकार का प्रहार, यह सबसे प्रमुख मुद्दा रहेगा। नोटबंदी का नकारात्मक प्रभाव समाज के किन लोगों पर पड़ा है, आरबीआई को बर्बाद करने की साजिश और नोटबंदी जैसे बड़े घोटाले की मदद से सरकार में बैठे लोगों ने किस तरह से फायदा उठाया, इन सब बातों को सिलसिलेवार तरीके से बैठक में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा, कांग्रेस पार्टी को सत्ता मिलती है तो आरबीआई की पूर्ण स्वायत्तता और स्वतंत्रता को दोबारा से वापस लाया जाएगा, इस मसले पर पार्टी से जुड़े अर्थशास्त्रियों ने एक विस्तृत ड्राफ्ट तैयार किया है, इसे भी मंजूरी के लिए सीडब्ल्यूसी में रखे जाने की योजना है। साथ ही देश में पिछले पांच साल में बेरोजगारी ने जो विकराल रूप धारण किया है, चुनाव प्रचार में लोगों को यह जानकारी दी जाए, यह भी सीडब्ल्यूसी के एजेंडे में शामिल है।
कांग्रेस नेता के अनुसार, मोदी सरकार ने राफेल सौदे में बड़ा घोटाला किया है। इस मुद्दे को कांग्रेस पार्टी अपने सहयोगी दलों के साथ मिलकर जनता के बीच ले जाएगी। साथ ही संवैधानिक संस्थाओं के साथ मोदी सरकार ने जो खिलवाड़ किया है, इस पर भी विशेष चर्चा होगी। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पिछले पांच साल में देश की अर्थव्यवस्था पर एक विशेष रिपोर्ट कार्य समिति के सामने रख सकते हैं।
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक 12 मार्च को अहमदाबाद में होने के पीछे यह तर्क दिया गया है कि महात्मा गांधी ने 1930 में इसी दिन अपनी ऐतिहासिक दांडी यात्रा शुरू की थी। सीडब्ल्यूसी की बैठक इससे पहले 1961 में गुजरात में आयोजित की गई थी।