कांग्रेस पार्टी ने आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन की सलाह पर आरबीआई को मजबूती प्रदान करने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। बता दें कि एनडीए-भाजपा सरकार के मौजूदा कार्यकाल के दौरान आरबीआई में सरकार के हस्तक्षेप को लेकर खबरें आती रही हैं। आरबीआई के पास जमा फंड के इस्तेमाल को लेकर भी केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच लंबा विवाद चला है।
रघुराम राजन, पी चिदंबरम और दूसरे कई अर्थशास्त्रियों की मदद से एक दस्तावेज तैयार किया गया है। इसमें आरबीआई की नीतियों को पहले से कहीं ज्यादा सख्त बनाया जाएगा। कांग्रेस का कहना है कि मौजूदा सरकार ने इसके कई लचीले प्रावधानों का गलत फायदा उठाया है। इसके अलावा जीएसटी का वर्तमान ढांचा भी पूरी तरह बदल दिया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी सत्ता में आती है तो जन स्वास्थ्य को मूल अधिकार का दर्जा दिया जाएगा। जिस तरह से लोगों के पास सूचना का अधिकार (आरटीआई) और शिक्षा का अधिकार (आरटीई) है, उसी तरह उन्हें स्वास्थ्य का अधिकार यानी राइट टू हेल्थ (आरटीएच) मिलेगा।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश का कहना है कि आयुष्मान भारत योजना में अनेक कमियां हैं। इसमें लोगों का फायदा कम, जबकि बीमा कंपनियों और प्राइवेट अस्पतालों की जमकर कमाई हो रही है। उन्होंने इसे निजी कंपनियों के लिए संजीवनी बताया है। छत्तीसगढ़ सरकार की जांच में सामने आया है कि 1,100 रुपये का प्रीमियम केवल 50,000 रुपये का बीमा कवर ही देता है। इस वजह से मरीजों को पीएमजेएवाई के तहत उचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल रही।
पीएमजेएवाई के तहत जो बीमा मिलता है, उनमें कई सामान्य बीमारियों को नजरंदाज कर दिया गया है। इन बीमारियों में शुगर, हीमोग्लोबिन की नियमित जांच, हाई ब्लड प्रेशर का प्रारंभिक इलाज शामिल नहीं हैं। इन्हें पीएमजेएवाई के तहत कवर नहीं किया गया है।
जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस की सरकार में आरटीएच के तहत संपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू की जाएगी।जब स्वास्थ्य सुरक्षा एक मूल अधिकार बन जाएगा तो उक्त सभी बीमारियों का संपूर्ण इलाज संभव हो सकेगा। आशा, एएनएम और एमएमडब्ल्यू जैसे पदों के कामकाज का दायरा बढ़ेगा।
भारत में नई नौकरियों की वार्षिक मांग अनुमानित रूप से 1.2 करोड़ प्रतिवर्ष है, लेकिन नौकरियां उपलब्ध नहीं हैं। रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि मोदी सरकार ने असंगठित क्षेत्र, खेती-बाड़ी और एमएसएमई को बर्बाद कर दिया, जहां 90 फीसदी नौकरियां निर्मित होती हैं।कांग्रेस पार्टी खेती-बाड़ी, असंगठित क्षेत्र और एमएसएमई को अपने नौकरी निर्माण के एजेंडे के केंद्र में रखेगी। इसके अलावा पूंजी, निवेश एवं उचित रियायतों द्वारा संगठित क्षेत्र के तीव्र विस्तार के लिए काम करेगी।