जब 'गरीबी हटाओ' के नारे ने इंदिरा गांधी को प्रचंड बहुमत दिलाया था...
1971 के चुनाव में इंदिरा गांधी ने देश में 'गरीबी हटाओ' का नारा दिया था। इस नारे की वजह से इंदिरा गांधी को प्रचंड बहुमत मिला और वे प्रधानमंत्री बन गईं। हालांकि उस दौरान विपक्षी महागठबंधन की ओर से 'इंदिरा हटाओ, देश बचाओ' का नारा दिया गया था। कांग्रेस पार्टी ने लंबे विचार विमर्श के बाद नारा दिया कि 'गरीबी हटाओ'। इंदिरा गांधी ने अपनी जनसभाओं में विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा, ये नेता कहते हैं कि इंदिरा हटाओ, मैं कहती हूं, गरीबी हटाओ।
आपातकाल के बाद जब 1977 में लोकसभा चुनाव हुआ तो विपक्ष ने नारा दिया, 'इंदिरा का देखो खेल, खा गई चीनी, पी गई तेल'। इसके अलावा 'इंदिरा हटाओ, देश बचाओ' और 'संपूर्ण क्रांति' जैसे नारे लोगों के जेहन में बस गए। वजह, लोग आपातकाल से त्रस्त थे। नतीजा, इंदिरा गांधी को हार का मुंह देखना पड़ा। कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला का कहना है कि भाजपा का 'चायवाला' जैसा नारा इस बार नहीं चलेगा।
उस दौरान कांग्रेस पार्टी के प्रति लोगों में गुस्सा था, एंटी इन्कम्बेंसी फैक्टर था। जनता मोदी के कामों को देखना चाहती थी, इसलिए तब 'अबकी बार मोदी सरकार और 'चायवाला' जैसे नारे सफल हो गए थे। कांग्रेस पार्टी की कैंपेन कमेटी के अध्यक्ष आनंद शर्मा और उनकी टीम ने अपना होमवर्क पूरा कर लिया है। अगले सप्ताह कैंपेन लांच कर दिया जाएगा।
मोदी का कैंपेन 'मैं चौकीदार हूं' केवल ट्विटर पर दिख रहा है। जनता को बहुत जल्द 'चोरों का चौकीदार' 'मैं भी बेरोजगार' हूं और 'पूरे देश में शोर है, सिर्फ एक ही चौकीदार चोर है' जैसे नारे देखने को मिलेंगे।