कांग्रेस नेता ने कहा, पीएम नरेंद्र मोदी ने हर परिवार को 5 लाख रुपये का बीमा कवर दिया है। यह एक बड़ा झूठ है। यदि कोई परिवार, जिसके मुखिया की आयु 30 वर्ष है और वह निजी क्षेत्र से बीमा समान कवरेज वाला बीमा लेता है, तो उसका प्रीमियम कम से कम 5,252 रुपये प्रतिवर्ष है। ज्यादातर प्लान 10,000 रुपये से 15,000 रुपये के बीच हैं। पीएमजेएवाई यह प्लान 1100 रुपये में देने का वादा कर रही है, जिसमें केंद्र सरकार का योगदान 660 रुपये होगा।
छत्तीसगढ़ में राज्य सरकार ने जांच के द्वारा यह पाया है कि 1,100 रुपये का प्रीमियम केवल 50,000 रुपये का बीमा कवर ही देता है। इस वजह से मरीजों को पीएमजेएवाई के तहत उचित स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिलेंगी, क्योंकि इसमें आउटपेशेंट सेवा के प्रावधान को कवरेज से बाहर रखा गया है। सच्चाई यह है कि अपने देश में 87 प्रतिशत लोगों की जरुरत आउटपेशेंट के तौर पर होती है।
पीएमजेएवाई के तहत जो बीमा मिलता है, उनमें कई सामान्य बीमारियों को नजरंदाज कर दिया गया है। इन बीमारियों में शुगर, हीमोग्लोबिन की नियमित जाँच, हाई ब्लड प्रेशर का प्रारम्भिक इलाज शामिल नहीं हैं। इन्हें पीएमजेएवाई के तहत कवर नहीं किया गया है। आपको पीएमजेएवाई से पैसे तभी मिल सकेंगे, जब आपकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब होकर आपको डायबिटिक फुट जैसी बीमारी हो जाए, जिसमें मरीज का पैर भी काटना पड़ सकता है।
जयराम रमेश ने कहा, "कांग्रेस की सरकार में आरटीएच के तहत संपूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा योजना लागू की जाएगी।जब स्वास्थ्य सुरक्षा एक मूल अधिकार बन जाएगा तो उक्त सभी बीमारियों का संपूर्ण इलाज संभव हो सकेगा।"