पीएम मोदी द्वारा लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बार-बार निशाना बनाए जाने को लेकर कांग्रेस ने भी आक्रामक रूख अपना लिया है। गुरुवार सुबह कांग्रेस ने प्रधानमंत्री मोदी को बोफोर्स मामले को लेकर बहस की चुनौती दे दी। साथी शर्त रखी कि इसमें राफेल पर भी चर्चा की जाएगी। वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल ने राजीव गांधी की हत्या को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।
अहमद पटेल ने ट्वीट कर कहा ''भाजपा समर्थित वीपी सिंह सरकार ने उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करने से इनकार कर दिया और विश्वसनीय खुफिया जानकारी और बार-बार अनुरोध के बावजूद उन्हें एक पीएसओ के साथ छोड़ दिया।''
दूसरे ट्वीट में उन्होंने कहा ''राजीव जी ने उनकी नफरत के कारण जिंदगी गंवाई और वह आधारहीन आरोपों का जवाब देने के लिए हमारे बीच मौजूद नहीं हैं जो कि उनपर लगाए जा रहे हैं।''
बता दें कि बुधवार को दिल्ली के रामलीला मैदान से चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग आज कह रहे हैं कि सेना किसी की जागीर नहीं है, उसी परिवार के लोगों ने आईएनएस विराट को प्राइवेट टैक्सी की तरह इस्तेमाल किया था।
आईएनएस विराट समुद्र की रखवाली के लिए तैनात था, लेकिन उसका इस्तेमाल राजीव गांधी, उनके परिवार और ससुरालवालों को एक द्वीप पर छुट्टियों के लिए ले जाने के लिए किया गया। पूरे कुनबे को लेकर आईएनएस विराट खास द्वीप पर 10 दिन तक रुका रहा। इतना ही नहीं, नौसेना के जवानों व एक हेलीकॉप्टर को भी उनकी सेवा में लगाया गया। क्या विदेशी लोगों को युद्धपोत पर ले जाकर देश की सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं किया था?
पीएम मोदी ने कहा, कांग्रेस आजकल न्याय की बात करती है। उसे यह बताना होगा कि सिख दंगों का हिसाब कौन देगा। सिख दंगों से जुड़े लोगों को सीएम बनाना कौन सा न्याय है? तीन दशक बाद दंगों के आरोपी जेल में पहुंचे, कांग्रेस ने जो अन्याय किया, हम उसे कम करने का काम कर रहे हैं। हमने बीते पांच वर्ष में सत्ता के दलालों को बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इन्होंने जनपथ को दलालों का पथ बना दिया था।
इससे पहले भी मोदी ने बोफोर्स घोटाले का जिक्र करते हुए राजीव गांधी को ‘‘भ्रष्टाचारी नंबर एक’’ बताया था। राजीव गांधी 1984 से 1989 तक देश के प्रधानमंत्री रहे थे।