भाजपा के संकल्प पत्र में राममंदिर
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लोकसभा चुनाव 2019 में देश की जनता किन मुद्दों पर मतदान करेगी, इसके लिए अलग-अलग एजेंसियां अपना सर्वे पेश कर रही हैं। अब तक के सर्वे में बेरोजगारी, गरीबी, महंगाई और देश की सुरक्षा जैसे मुद्दों को महत्त्व मिलता दिख रहा है। वक्त की नज़ाकत को भांपते हुए भाजपा ने भी इन्हीं मुद्दों पर फोकस किया है।
'अयोध्या में राममंदिर निर्माण' मुद्दे को पार्टी ने छोड़ा नहीं है, लेकिन इसका जिक्र सिर्फ एक बार किया है। संकल्प पत्र में राम का उल्लेख भी किसान, युवा, शिक्षा और गरीबों के कल्याण के बाद सांस्कृतिक विरासत के बीच पेज 43 पर हुआ है। पार्टी ने वादा किया है कि वह अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण के लिए सभी संवैधानिक तरीकों से हल निकालने की कोशिश करेगी।
संकल्प पत्र जारी करते हुए पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह, वित्त मंत्री अरुण जेटली, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जनता को संबोधित किया। सबसे अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों को संबोधित किया। लेकिन गृहमंत्री राजनाथ सिंह को छोड़कर किसी भी नेता ने भगवान राम या अयोध्या का जिक्र नहीं किया।
संकल्प पत्र समिति का अध्यक्ष होने के नाते प्रमुख बिंदुओं का जिक्र करते हुए केवल राजनाथ सिंह ने एक बार राम का जिक्र किया और कहा कि अयोध्या में राममंदिर निर्माण के लिए उनकी पार्टी सभी संवैधानिक रास्तों को तलाशने का काम करेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले भी देवालय से पहले शौचालय की बात करते रहे हैं। इसे उनकी समाज के सबसे निम्न श्रेणी में रह रहे लोगों के जीवन स्तर को उच्च बनाने की कोशिश के रूप में देखा जाता है। संभवतः इसीलिए पार्टी का संकल्प पत्र पेश करते हुए पूरा ध्यान किसानों, गरीबों, भारत की पूरी दुनिया में बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बनाने पर बना रहा। उन्होंने राम मंदिर का जिक्र नहीं किया।