आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल ने लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में कांग्रेस के साथ संभावित गठबंधन को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे मन में देश को लेकर बहुत ज्यादा चिंता है। इसी वजह से हम लालायित हैं। उन्होंने (कांग्रेस) लगभग मना कर दिया।
बुधवार देर रात तक एनसीपी प्रमुख शरद पवार के दिल्ली आवास पर हुई बैठक में तमाम विपक्षी दलों के नेता लोकसभा चुनावों में गठबंधन की संभावनाओं को तलाश रहे थे। इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हुए थे। न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर भी बात हुई। ऐसे में इस बयान के बड़े मायने निकाले जा रहे हैं। इस बैठक में ममता बनर्जी भी मौजूद रहीं। राहुल गांधी ने इशारा किया है कि पश्चिम बंगाल और दिल्ली में कांग्रेस
एकला चलो की राह पकड़ेगी। ऐसे में केजरीवाल की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फिरता नजर आ रहा है।
दिल्ली में लोकसभा की 7 सीटें हैं और फिलहाल सभी पर भाजपा का कब्जा है।
केजरीवाल भाजपा और कांग्रेस दोनों के खिलाफ आग बरसाते रहे हैं। लेकिन चुनावी समीकरणों में उन्हें लगता है कि दिल्ली में कांग्रेस के हाथ का साथ पार्टी को फायदा पहुंचा सकता है। केजरीवाल ने कांग्रेस की 15 साल पुरानी सरकार को उखाड़कर ही दिल्ली में अपनी सत्ता काबिज की थी। लेकिन अब सियासी मजबूरियों का सबब कुछ और कहता है।
उधर, महागठबंधन की जो शक्ल बनती दिख रही है, उसमें राष्ट्रीय स्तर पर केजरीवाल, राहुल, शरद पवार, ममता जैसे दिग्गज एक मंच पर दिख ही रहे हैं। शायद यही वजह है कि बदले हालात में केजरीवाल तो कांग्रेस से गठबंधन चाहते हैं लेकिन तीन राज्यों में जोरदार जीत के बाद कांग्रेस अपने दम पर किस्मत आजमाने के मूड में है।