चुनाव पूर्व समझौते के महज दो दिन बाद भाजपा और शिवसेना के वरिष्ठ मंत्रियों ने बुधवार को मुख्यमंत्री पद के बंटवारे पर अलग-अलग बातें कहीं। भाजपा के मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कहा कि उनकी पार्टी का मानना है कि इस साल विधानसभा चुनाव होने के बाद जिस सहयोगी दल को अधिक सीट आएंगी, उसे मुख्यमंत्री पद मिलेगा।
पाटिल के विचार को खारिज करते हुए शिवसेना के नेता रामदास कदम ने कहा कि मुख्यमंत्री का पद साझा करने का समझौता होने के बाद उनकी पार्टी ने भाजपा के साथ गठबंधन किया है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा वादे को पूरा नहीं करना चाहती है तो वह चुनाव पूर्व गठबंधन को तुरंत तोड़ने के लिए स्वतंत्र है।
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने मंगलवार की रात पार्टी कार्यकर्ताओं से अपने आवास पर कहा था कि उन्होंने इस फॉर्मूले को खारिज कर दिया है कि जो पार्टी विधानसभा चुनावों में अधिक सीट जीतेगी उसे मुख्यमंत्री का पद हासिल होगा।
ठाकरे ने कहा, पिछले 25 साल में दोनों दलों (शिवसेना और भाजपा) ने इस फॉर्मूले को आजमाया। मैंने इसे खारिज कर दिया है। मैंने मांग की है कि दोनों दल सभी पदों को समान रूप से बांटें। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पर सहमत हो गई है, इसलिए मैंने गठबंधन करने का निर्णय किया है।