लोकसभा चुनाव के नतीजे आ रहे हैं। भाजपा फिलहाल बहुमत के आंकड़े से दूर है। हालांकि, भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए बहुमत का आंकड़ा पार कर गया है। 2024 लोकसभा में इंडी गठबंधन ने एनडीए को कड़ी टक्कर दी है। इस दौरान ऐसे कई गढ़ हैं, जो इस बार ढह गए, इसमें भाजपा, कांग्रेस सहित अन्य दलों की सीटें शामिल हैं। आइये जानते हैं, ऐसी की कुछ सीटों के बारे में…
यह सीट इस बार भाजपा के झोली से छिटककर सपा के झोली में चली गई है। पिछले दो बार के सांसद लल्लू सिंह को इस बार समाजवादी पार्टी के अवधेश कुमार ने पछाड़ दिया है। खास बात यह है कि अयोध्या में बना राम मंदिर पूरे देश में चर्चा का विषय रहा। देश भर के कई लोगों ने राम मंदिर के नाम पर भाजपा को वोट दिया पर फैजाबाद ही भाजपा के हाथ से फिसल गया।
अमेठी:
कांग्रेस का गढ़ अमेठी 2019 में भाजपा के खाते में चली गई थी। हालांकि, इस बार गांधी परिवार के खास किशोरी लाल ने सीट वापस वापस ले ली।
छिंदवाड़ा:
मध्यप्रदेश में कांग्रेस का गढ़ कहा जाने वाला छिंदवाड़ा इस बार कांग्रेस के हाथ से निकलता जा रहा है। दशकों से इस सीट पर कमलनाथ परिवार का ही कब्जा रहा है। हालांकि, इस बार भाजपा के बंटी विवेक साहू ने नकुलनाथ को मात दे दी है।
राजगढ़:
मध्यप्रदेश के ही राजगढ़ से इस बार पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह चुनाव लड़ रहे थे। उन्हें इस बार भी हार का सामना करना पड़ा। सिंह पिछली बार भोपाल से चुनाव लड़े थे पर उन्हें पिछली बार भी भाजपा ने शिकस्त दी।
बहरामपुर:
पश्चिम बंगाल का बहरामपुर कांग्रेस का गढ़ कहा जाता था पर इस बार टीएमसी ने उसे जीत लिया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी को इस बार टीएमसी उम्मीदवार युसुफ पठान ने हरा दिया है।
राजनंदगांव:
छत्तीसगढ़ का राजनंदगांव इस बार चर्चाओं में हैं। कांग्रेस की ओर से इस बार छत्तसीगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल चुनाव मैदान में उतरे थे। उन्हें भाजपा के संतोष पांडे ने पटखनी दे दी है।
बारामुला और अनंतनाग-राजौरी:
जम्मू-कश्मीर की इन दोनों सीटों से जम्मू-कश्मीर के कद्दावर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती हार गए हैं। घाटी की सीटों से दोनों नेताओं का हारना आश्रर्यजनक है।